भूमाफिया के खिलाफ लड़ा तो मिली एफआईआर वो भी एससी. एसटी.

तारकेश्वर टाईम्स (हि.दै.)


बस्ती  (उ.प्र.) । एक तरफ कोरोना वायरस  (COVID - 19) को लेकर शासन प्रशासन चौकन्ना है, लोगों को सामाजिक और शारीरिक दूरी बनाकर रहने की हिदायतें लगातार दी जा रही हैं । पूरे देश में लाॅक डाउन घोषित किया गया है । वहीं दूसरी ओर शहर के एक विवादित भूखण्ड पर ऐन लॉकडाउन में नियमों को धता बताते हुए मजदूरों से काम कराये जाने की शिकायत किये जाने और पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद काम रूकवाये जाने के चार दिन बाद विवादित भूमि पर न्याय के लिए संघर्ष कर रहे शिकायतकर्ता पर कोतवाली में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अधिनियम के मुकदमा दर्ज हो गया है ।   


शिकायतकर्ता ने शहर के ही एक व्यक्ति पर भूमाफिया के तौर पर गलत तरीके से नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था । मुकदमा लिखाने वाला व्यक्ति विवादित भूखण्ड पर उसी भूमाफिया का काम करने वाला मजदूर बताया जा रहा है । मुुुकदमेें में आरोपी बृृजवासी का कहना है कि जिस भू माफिया द्वारा नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था , उसी ने अपने मजदूूूर को मोहरा बना कर मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज कराया है ।     


 कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने की चुनौती पूर्ण कोशिशों के उलट एक स्थानीय दब॔ग और भूमाफिया कहे जाने वाले व्यक्ति पर 24 अप्रैल से ही मालवीय रोड केनरा बैंक के पीछे पिकौरा शिवगुलाम में पूरे दो हफ्ते तक मजदूर मिस्त्री लगाकर काम कराया जाता रहा । इस सम्बन्ध में बृजवासी शुक्ल ने 24 मार्च को प्रार्थना पत्र भी दिया था । इसके बावजूद कार्य जारी रहा । जबकि लॉकडाउन के साथ ही धारा 144 भी लागू है ।           


दस अप्रैल को अधिक संख्या में श्रमिकों को लाकर कराये जाने पर श्री शुक्ल ने पुनः शिकायत करते हुए दौड़ भाग तेज की, और मामला लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के संज्ञान गया , तो कार्य तत्काल बन्द कराया गया । 
श्रमिक द्वारा पन्द्रह अप्रैल को कोतवाली बस्ती में बृजवासी शुक्ल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है । जिसमें थाना नगर के पालनगर  ( भैरोपुुर चौराहा) निवासी जितेन्द्र कुमार पुत्र राम चन्द्र द्वारा कहा गया है कि चार अप्रैल 2020 को सायं करीब चार बजे पिकौरा शिवगुलाम  (मंगला काली मंदिर के पास) निवासी बृजवासी लाल शुक्ल उर्फ लाल जी द्वारा गाली देते हुए जाति पूछा गया और जाति बताने के बाद जातिसूचक गालियाँ देते हुए पास में रखा फावड़ा लेकर मारने दौड़ना और दोबारा देख लिया तो मार कर गाड़ देने की धमकी दी गयी । जिस पर कोतवाली बस्ती में मुुुअसं. - 170 / 20 भादवि. की धारा 352 / 504 / 506 एवं अनुसूचित जाति / अनुसूचित जाति अधिनियम की धारा 3 (1) (द) (ध) के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है । जबकि बृजवासी लाल का कहना है कि इस दौरान वह मौके पर गये ही नहीं हैं ।         


ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि उक्त वादी मुकदमा नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है , तो यहां उसे किसने बुलाया था ? क्या उसकी कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी जांच हुई ? वह किसका कार्य कर रहा था और किस भूमि पर कर रहा था ? एक और महत्वपूर्ण बात कि क्या वह पंजीकृत श्रमिक है ? जिससे वक्त जरूरत पर उसे बीमा का लाभ मिल सके ।   


   जानकारी के मुताबिक स्थानीय पिकौरा शिव गुलाम में स्थित एक भूखण्ड पहले से विवादित है । जिस पर कथित भू माफिया / प्रापर्टी डीलर द्वारा गलत तरीके से अतिक्रमण करने और अवैधानिक रूप से लाभ लेने की मकसद से नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य कराने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है , जिससे इसे कब्जा करके ऊंची कीमत में बेचा जा सके । बताया जाता है कि उसकी पहुंच और षडयंत्र का आलम यह है कि स्थानीय चौकी प्रभारी द्वारा उक्त मामले में खुद को असमर्थ बताते हुए मौके पर डीएम. एसपी. को बुलाने की बात कहकर शिकायतकर्ता का मनोबल गिराने की कोशिश की गई । ऊपर से तुर्रा यह कि कोरोना संक्रमण के दौर सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त करते हुए लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए संक्रमण का खतरा पैदा होने जैसे गम्भीर मामले में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है । 
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