ब्रह्मलीन हो गये जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानन्द सरस्वती जी महाराज

ज्योतिष, द्वारका एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी आज रविवार को 99 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गये। उन्होंने मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में आखिरी सांस ली। उन्होंने नरसिंहपुर के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में दोपहर करीब 3. 21 बजे अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। स्वामी स्वरूपानंदजी आजादी की लड़ाई में जेल भी गए थे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरुपानन्द सरस्वती के प्रति करोड़ों भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है।

                   (मिहिर कुमार शिकारी) 

भोपाल (मध्य प्रदेश)। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरुपानन्द सरस्वती के ब्रह्मलीन होने की जानकारी पूज्यपाद ब्रह्मीभूत शंकराचार्य जी के तीनों प्रमुख शिष्यों स्वामी सदानन्द सरस्वती, स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती एवं ब्रह्मचारी सुबुद्धानन्द जी द्वारा दी गयी है।

शंकराचार्य जी भारत के आजादी के लिए 2 बार अंग्रेजों के द्वारा जेल भेजे गये। उन पर अंग्रजो के द्धारा ईनाम भी रखा गया था। धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के गौरक्षा आन्दोलन में नेतृत्व करने के कारण 3 बार अलग अलग स्थानों में 85 दिन तक जेल और राम मंदिर के लिए शंकराचार्य रहते हुए भी राजीव गांधी के शासन मे एक बार जेलवास हुआ। ज्योतिष व द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज जो करते हैं अथवा जो कर दिया आजतक कोई धार्मिक संस्था या व्यक्ति नहीं कर सका है। जब भी धर्म के लिए आवश्यकता पड़ी, सबसे पहले शंकराचार्य जी अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं। भले इसके लिए जनता में आन्दोलन करना हो या न्यायालय में मुकदमा लड़ना हो।

शंकराचार्य जी ने श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या पुनरुद्धार समिति के माध्यम से 30 साल तक राम मन्दिर का केस लड़कर हिन्दुओं को विजय दिलवाया। रामसेतु के लिए आंदोलन किया। न्यायालय मे पक्षकार रहे। गौरक्षा के लिए आंदोलन किया। देश की आजादी के लिए आंदोलन किये। बाकी उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने भारत का सबसे बड़ा गंगा आंदोलन किया जिसके कारण गंगा राष्ट्र नदी घोषित है। उन्होंने नकली शंकराचार्यों के खिलाफ आंदोलन किये। काशी के मंदिरों की रक्षा के लिए आन्दोलन किये। गणेश जी की प्रतिमा विसर्जन के समय तो अखिलेश की सरकार मे स्वामी जी ने लाठियाँ भी सहीं और न जाने कितने ऐसे कार्य हमारे शंकराचार्य जी ने किए हैं जिसे हम जानते भी नही हैं।

यही नही धर्म रक्षा के लिए नित्य अध्ययन, अध्यापन, उपदेश, पूजा पाठ बड़े बड़े यज्ञ आदि समय समय पर शंकराचार्य जी के ओर से चलते ही रहे हैं, जो राष्ट्र के कल्याण के लिए होता है। आज शंकराचार्य जी ने देश को आचार्य कोटि के अनेक सन्यासी एवं विद्वान वरिष्ठ ब्रह्मचारी दिए हैं, जो कि अन्य किसी पीठ ने नही दे सके हैं। ये सभी पूज्य सन्यासी एवं ब्रह्मचारीगण देश भर में जनता के मध्य जाते हैं और उनसे संवाद स्थापित कर धर्म का उपदेश करने सहित अनेक सेवा के प्रकल्प चलाते हैं । शंकराचार्य जी राजनैतिक संगठनों की तरह धन इक्कठा नही करते थे न ही चंदा आदि मांगते थे। वो तो पूज्य शंकराचार्य जी के तप, त्याग, विद्वता और शक्ति का ही इतना प्रभाव होता, जिससे कि लाखों लोग शंकराचार्य जी को अपना गुरु मानने लगते और धन, भूमि, वस्तुएं आदि का दान करते रहे हैं।

अपने इन्ही निजी शिष्यों के दान के पैसे से शंकराचार्य जी ने देश भर में अनेक देवी देवताओं के मन्दिर, सन्तआश्रम, भोजनालय, गुरुकुल, विद्यालय, छात्रावास, चिकित्सालय, वृद्धाश्रम, महिलाश्रम, गौशाला आदि निर्माण करवा दिए हैं जो करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से हर वर्ष निःशुल्क सेवा देते हैं।
पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज के द्वारा संचालित देशभर में 100 से अधिक आश्रम हैं जिनमे कुछ प्रमुख आश्रमो में चल रही सेवा प्रकल्पों की संक्षिप्त जानकारी नीचे दी गयी है। शंकराचार्य जी के अधिकांश आश्रम वनक्षेत्र और ग्रामीणक्षेत्र में ही हैं। सभी आश्रमों में भोजन और निवास की निशुल्क व्यवस्था दी जाती हैं। वनवासी क्षेत्रों के आश्रमों के द्वारा शंकराचार्य जी के स्वधर्मानयन अभियान के तहत ईसाई बन चुके वनवासियों की पुनः सनातन धर्म मे वापसी कराई जाती है। इसके लिए भोजन, कपड़े, शिक्षा और चिकित्सा की सेवा दी जाती हैं। कुछ आश्रमों आदि की जानकारी हम नही दे सकतें क्योंकि इससे वन्यक्षेत्र में हो रहे कार्यों को विधर्मियों द्वारा प्रभावित किया जा सकता है। 
कुछ आश्रमों और उनमें चल रहे सेवा प्रकल्पों की सूची निम्नलिखित है

 1 - उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ बद्रिकाश्रम, जोशीमठ चमोली, उत्तराखण्ड सेवा प्रकल्प ●त्रिपुर सुन्दरी श्रीमाता राजराजेश्वरी मन्दिर सेवा ●चतुष्षष्टि योगिनी मन्दिर सेवा ●नवग्रह मन्दिर सेवा ●प्रथमाचार्य श्रीतोटकाचार्य गुफा एवं मन्दिर सेवा ●चारोधाम यात्री निवास सेवा ●चारोधाम यात्री अन्न सेवा ●आपदा पीड़ित लोगों के भोजन, निवास, वस्त्र, चिकित्सा एवं धन की सेवा ●ज्योतिष्पीठ के द्वारा आपदा के समय उत्तराखंड सरकार को धन का सहयोग ●100 बेड अस्पताल (प्रायोजित) ●महाविद्यापीठ गुरुकुल (प्रायोजित) 2 - पश्चिमाम्नाय द्वारकाशारदा पीठ, द्वारका जामनगर, गुजरात सेवा प्रकल्प ●चंद्रमौलेश्वर महादेव मन्दिर सेवा ●अभिनव सच्चिदानंद तीर्थ वेद महाविद्यालय ●शारदा पीठ डिग्रीकॉलेज ●अनाथआलय ●शंकराचार्य औषधालय ●गौशाला ●धर्मशाला ●पुस्तकालय ●अन्न सेवा ●संत एवं यात्री निवास ●शंकराचार्य विद्यालय जामनगर दरेड़ ●गौशाला राजकोट ●हॉस्पिटल (प्रायोजित) 3 - परमहंसी गंगा आश्रम झोतेश्वर नरसिंहपुर म. प्र. (शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की तपोस्थली) सेवा प्रकल्प ●भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मन्दिर सेवा ●राधा कृष्ण, लक्ष्मी नारायण, गंगा माता, लोधेश्वर महादेव, झोतेश्वर महादेव, कामेश्वर महादेव, सिद्धेश्वर महादेव, हनुमान मन्दिर आदि सहित अनेक मन्दिरों की सेवा ●शंकराचार्य नेत्रालय ●शंकराचार्य गौशाला ●ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय ●पुस्तकालय ●वृद्धाश्रम ●महिलाश्रम ●धर्मशाला ●असहाय एवं वृद्ध गायों की गौशाला ●माँ गिरिजा देवी हायर सेकेंडरी स्कूल ●शंकराचार्य महाविद्यालय ●आयुर्वेदिक औषधालय ●होम्योपैथी औषधालय ●नर्मदा परिक्रमावासी के लिए निशुल्क आवास एवं भोजन सेवा ●वनवासी कन्या विवाह सेवा प्रकल्प ●शंकराचार्य जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हर वर्ष समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित करना 4 - विश्व कल्याण आश्रम, काली कोकिला संगम, पश्चिम सिंहभूम झारखण्ड सेवा प्रकल्प (पूर्णतः वनवासियों के लिए) ●राजराजेश्वरी मन्दिर सेवा ●स्वधर्मानयन अभियान (वनवासी ईसाइयों का सनातनधर्म में पुनर्वापसी कार्यक्रम जिसमे अबतक 5.5 लाख ईसाइयों को सनातन धर्म मे पुनर्दीक्षित किया जा चुका है) ●200 बेड का चिकित्सालय ●अन्न एवं वस्त्र वितरण सेवा ●धर्मशाला ●शंकराचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

  5 - श्रीविद्या मठ वाराणसी उ. प्र. सेवा प्रकल्प ●त्रिपुर सुन्दरी माता सेवा ●कृपा मूर्ति हनुमान मन्दिर सेवा ●वेद महाविद्यालय ●विद्यार्थी निवास ●पुस्तकालय ●संत निवास सेवा ●गौशाला ● अन्न सेवा 6 - श्री उड़िया बाबा आश्रम वृंदावन मथुरा उ. प्र. सेवा प्रकल्प ● उड़िया बाबा मंदिर सेवा ●पूर्णेश्वर महादेव मन्दिर सेवा ●स्वयं सिद्ध हनुमान मन्दिर सेवा ●ज्योतिष् प्रशिक्षण केन्द्र ●संत एवं छात्र निवास ●उड़िया बाबा गौशाला ●उड़िया बाबा पुस्तकालय ●उड़िया बाबा होम्योपैथी औषधालय ●अन्न सेवा ●धर्मशाला ●गरीबों को वस्त्र एवं भोजन वितरण 7 - शंकराचार्य आश्रम शाकम्भरी पीठ सहारनपुर उ. प्र. ●सिद्धपीठ शाकम्भरी देवी मन्दिर ●यात्री निवास ●अन्न सेवा ●शंकराचार्य संस्कृत महाविद्यालय ●गौशाला ●धर्मशाला 8 - मनकामेश्वर महादेव मन्दिर प्रयागराज उ.प्र. सेवा प्रकल्प ●मनकामेश्वर महादेव मन्दिर सेवा ●प्रयागराज कुम्भ, अर्धकुम्भ एवं माघ मेले पधारे श्रद्धालुओं के लिए भोजन, निवास एवं अन्य अनेक सेवा के प्रकल्प। 9 - श्रीकृष्णबोध दण्डी आश्रम मेरठ उ. प्र. सेवा प्रकल्प ●राजराजेश्वरी मन्दिर सेवा ●वेद विद्यालय ●अन्न सेवा ●यात्री निवास 10 - श्रीशंकराचार्य मठ ज्ञानलोक कालोनी हरिद्वार उत्तराखण्ड सेवा प्रकल्प ●संत आश्रम ●विद्यार्थी निवास ●हरिद्वार कुम्भ एवं अर्धकुम्भ में यात्रियों के भोजन, आवास एवं चिकित्सा की सेवा 11 - राजराजेश्वरी सेवा मठ कोननगर हुगली कलकत्ता पश्चिम बंगाल सेवा प्रकल्प ●भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मन्दिर सेवा ●गौशाला ●वेद विद्यालय राजा राम तल्ला (शंकर मठ) ●धर्मशाला ●संत निवास ●विद्यार्थी निवास 12 - श्री बगलामुखी सिद्धपीठ श्री शंकराचार्य मठ जबलपुर म.प्र. सेवा प्रकल्प ●सिद्ध बगलामुखी मन्दिर ●चल चिकित्सालय ●गायत्री संस्कृत विद्यालय ●टैंकर द्वारा सूखे क्षेत्र में जल सेवा ●अन्न सेवा ●यात्री निवास ●रमनगरा गौरीघाट पे नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था
  13 - श्री आद्यशंकराचार्य सन्यास क्षेत्र, सांकल घाट, नरसिंहपुर सेवा प्रकल्प ●आद्य शंकराचार्य मन्दिर सेवा ●गोविन्द भगवद्पाद गुफा सेवा ●गौशाला ●नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए भोजन एवं निवास की व्यवस्था ●संत निवास 14 - उभयभारती महिला आश्रम हीरापुर सांकलघाट नरसिंहपुर सेवा प्रकल्प ●अनाथ कन्याओं एवं महिलाओं के भोजन आवास एवं शिक्षा का सेवा 15 - शंकराचार्य आश्रम पुराना बस स्टैण्ड अमरकंटक शहडोल म. प्र. सेवा प्रकल्प ●मन्दिर सेवा ●नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए आवास एवं भोजन की सेवा 16 - श्री शंकराचार्य आश्रम रायपुर छत्तीसगढ़ सेवा प्रकल्प ●भगवती त्रिपुर सुंदरी मन्दिर ●वेद विद्यालय ●गौशाला ●अन्न सेवा ●सन्त निवास ●विद्यार्थी निवास 17 - श्री दण्डी आश्रम कानपुर सेवा प्रकल्प ●प्राचीन आद्यशंकराचार्य मन्दिर ●शिवालय एवं हनुमान मन्दिर ●संगीत शिक्षा ●संत निवास ●विद्यार्थी निवास ●यात्री निवास ●अन्न सेवा ●धर्मशाला ●सत्संग एवं कथा केन्द्र 18 - शारदा पीठ सोमनाथ गुजरात सेवा प्रकल्प ●कामनाथ महादेव मन्दिर सेवा ●गौशाला ●धर्मशाला ●अन्न क्षेत्र 19 - शारदा मठ खेड़ा गुजरात सेवा प्रकल्प ●गौशाला ●धर्मशाला ●अन्न सेवा 20 - शंकराचार्य मठ धोलका गुजरात सेवा प्रकल्प ●धर्मशाला ●अन्न क्षेत्र ●गौशाला 21 - शंकराचार्य आश्रम जशपुर छतीसगढ़ (यह आश्रम वनवासी क्षेत्र में है इस क्षेत्र की आबादी 50% से अधिक ईसाई बन चुकी है पर शंकराचार्य जी के आश्रम के बाद धर्मत्याग रुका हुआ है यहाँ स्वयं कई बार शंकराचार्य जी जा चुके हैं) सेवा प्रकल्प ●वनवासियों के लिए मन्दिर ●सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहते हैं ●सामूहिक भोजन वितरण ●चिकित्सा की व्यवस्था ◆ महाराज जी के द्वारा देश भर में अनेक प्रकाशन संचालित हो रहे हैं जिसके माध्यम से द्वारका, वाराणसी, कोलकाता, परमहंसी आदि सहित अनेक स्थानों पर महाराज जी द्वारा अनेक धर्मग्रंथ छपवाये जाते हैं।
◆महाराज जी के द्वारा बनाये गए विभिन्न संगठन जो लगातार धर्म के विभिन्न प्रकल्पों पे कार्य करते हैं। 1 - आध्यात्मिक उत्थान मण्डल 2 - हिंगलाज सेना 3 - अखिल भारतीय श्रीरामजन्मभूमि अयोध्या पुनरुद्धार समिति (राम मन्दिर के केस की प्रमुख पक्षकार) 4 - रामसेतु रक्षा आन्दोलन(रामसेतु की रक्षा के लिए बना संगठन) 5 - परम धर्म संसद 1008 6 - गंगा सेवा अभियानम् परमधर्म संसद के अन्तर्गत 108 सेवालय संचालित हो रहे हैं।
नोट :-  देशभर में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के अतिरिक्त उनके प्रेणना से उनके अनेक शिष्य अनेक प्रकार के सेवा प्रकल्प चला रहे हैं जिससे देशभर में करोड़ो गरीब जनता, साधु संत, विद्यार्थी, आदि भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा, आवास आदि का लाभ ले रहे हैं और अनेक गौशालाएं भी संचालित की जा रही हैं। देशभर में धर्मकार्य के लिए अनेक सेवा के प्रकल्प निर्माणाधीन है जिसमें आश्रम, मन्दिर, चिकित्सालय, वेद और संस्कृत विद्यालय, गौशालाएं आदि का निर्माण चल रहा है। जो कुछ वर्षों में पूरा हो जाएगा। यह सब कार्य सनातन धर्म के लिए शंकराचार्य जी द्वारा किया जा रहा है।

शंकराचार्य जी के इस अतुलनीय योगदान को जनजन तक पहुंचाना अब आप का कर्तव्य है और उनके प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि है।

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