बस्ती : फिरौती के लिए अपहृत अखंड को छुड़ा लाई बस्ती पुलिस : दो सगे भाईयों ने किया था अपहरण : गिरफ्तार

 

                             (विशाल मोदी) 

 बस्ती (उ.प्र.)। जिले के रुधौली कस्‍बे से छ: दिन पहले फिरौती के लिए अपहरण किये गये कपड़ा व्‍यवसायी अशोक कसौधन के 13 साल के बेटे अखंड कसौधन को पुलिस ने बरामद कर लिया है। अखंड को सहजनवां नगर पंचायत के शिवपुरी कालोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर किडनैपर्स के चंगुल से मुक्‍त कराया गया। पहेली बन चुके इस अपहरण कांड के खुलासे में उप निरीक्षक जनार्दन प्रसाद की सूझबूझ ने एक कड़ी पकड़ी, तो मामला परत दर परत खुलता चला गया। अलबत्ता यह जरुर है कि इस मामले में पूरे रेंज की पुलिस को खासी मसक्कत करनी पड़ी और एसटीएफ को भी लगाया गया था।

  (अपहृत बच्चे की बरामदगी और गिरफ्तारी करने वाली पुुलिस टीम के साथ आईजी राजश मोदक, एसपी आशीष श्रीवास्तव, अखण्ड और उसके माता - पिता। पीछे खड़े दोनों नकाबपोश गिरफ्तार अपराधी हैं
आईजी रेंज राजेश मोदक और पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में उक्त अनावरण की जानकारी दी। अपहरणकर्ता सूरज सिंह और आदित्य सिंह पुत्र कृपानंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों सगे भाई हैं। अखंड को सहजनवां में एक कमरे में हाथ बांध कर रखा गया था। भोर में हर्रैया इंस्‍पेक्‍टर शैलेश सिंह और रुधौली इंस्‍पेक्‍टर रामकृष्‍ण मिश्र की अगुवाई में बस्‍ती पुलिस की टीम बच्चे को लेकर टीम बस्‍ती लौटी। सुबह 5 बजे बस्‍ती जिला अस्‍पताल में अखंड का मेडि‍कल चेकअप कराया गया।

    (अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के बाद अखण्ड के साथ मीडिया से मुखातिब बांए से आईजी राजेश मोदक, अखण्ड, एसपी आशीष श्रीवास्तव व अखण्ड की मां)

 रुधौली कस्बे के कपड़ा व्यवसायी अशोक कसौधन का 13 वर्षीय बेटा अखण्ड उर्फ अंकित कसौधन 23 अप्रैल की शाम करीब साढ़े चार बजे कस्बे के बैंक चौराहे के पास प्याज लेने गया था। इसी दौरान उसे एक बाइक सवार ने बुलाया और अपने साथ बाइक पर बैठाकर वहां से लेकर चला गया। करीब एक घंटे बाद अखंड के पिता अशोक के मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारे बेटे का किडनैप हो गया है और पचास लाख रुपया तैयार रखो। इस फोन पर परिवार बुरी तरह परेशान हो गया लेकिन किडनैपर ने दोबारा फोन नहीं किया। उधर, पुलिस को सूचना मिली तो वो भी अखंड की तलाश में जुट गई। लेेेकि‍न 4-5 दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भी पुलिस ने कोशिश जारी रखी और आखिरकार शनिवार की भोर में इस वारदात का खुलासा कर दिया।

    आईजी ने की एसआई जनार्दन की तारीफ 

 अंकित की तलाश में अलर्ट पर चली रही पुलिस हर हथकंडे अपना रही थी और सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहनों पर नजर रखी जा रही थी।

              (उप निरीक्षक जनार्दन प्रसाद) 

 आईजी राजेश मोदक ने एसआई जनार्दन प्रसाद के सूझबूझ की तारीफ करते हुए बताया कि इनके आईक्यू की खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका रही और बदमाश पकड़े गए। जरा सी चूक होती, तो बदमाश चकमा दे जाते। सन्देह के आधार पर जनार्दन प्रसाद ने दो बाईक सवारों को रोका और पूछताछ शुरु की तो सन्देह बढ़ता गया। आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने के साथ ही जहां अपहृत अखण्ड को सुरक्षित बरामद किया गया, वहीं इस घटना को अंजाम देने वाले दोनों सगे भाई सलाखों के पीछे हैं। बता दें कि जनार्दन प्रसाद जिले के गौर थाने की बभनान पुलिस चौकी के प्रभारी हैं। इनके सूझबूझ की खूब प्रशंसा हो रही है और वाहवाही भी मिल रही है।

            (माता - पिता के साथ अपहृत अखण्ड दायें) 

तेरह वर्षीय अखंड कसौधन उर्फ अंकित के अपहरण के बाद ज्‍यों-ज्‍यों दिन बीत रहे थे परिवार की उम्‍मीद टूटती जा रही थी। बस्‍ती पुलिस को अखंड का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। हालांकि इस मामले में आईजी रेंज और एसपी पल-पल की खबर ले रहे थे। वे खुद ही प्रकरण की मानिटरिंग कर रहे हैं। रेंज के तीनों जिलों के साथ ही गोरखपुर की एसओजी टीम को भी खुलासे में लगाया गया था। इसके बावजदू समय बीतने के साथ ही उम्मीद की लौ भी मद्धिम होती जा रही थे। परिजन और शुभचिंतक मन्दिर में प्रभु से गुहार लगा रहे थे। मन्नतें मांग रहे थे। आखिरकार परिवारवालों की प्रार्थना सफल रही और शनिवार को अखंड को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने परिवार को उसकी सकुशल बरामदगी की सूचना दी। यह सूचना पाने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस ने परिवार को आश्‍वस्‍त किया कि अखंड बिल्‍कुल स्‍वस्‍थ है।

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