कोविड से होगी बच्चों की सुरक्षा, बढ़ेगी इम्युनिटी : पोषण माह शुरु

 

                         (घनश्याम मौर्य) 

बस्ती (उ.प्र.) । बाल स्वास्थ्य पोषण माह (बीएसपीएम) का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। एसीएमओ/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन व महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने जिला महिला अस्पताल में फीता काटकर व बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। जिले में लगभग तीन लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जानी है।

डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि कोविड काल में विटामिन-ए का महत्व बढ़ जाता है। इससे जहां एक ओर इम्युनिटी बढ़ेगी वहीं कोविड से भी बच्चों की सुरक्षा होगी। तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोविड नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए सभी स्टॉफ को निर्देशित किया गया है। सत्र पर एक समय में 10 से अधिक बच्चे एकत्र न हों। चम्मच से ऊपर से ही मुंह में खुराक दिया जाए, या अभिभावक से कहा जाए कि वह घर से चम्मच लेकर आए। विटामिन-ए की जो बोतल खोली जाएगी, उस पर तारीख जरूर दर्ज की जाएगी तथा एक बोतल समाप्त होने पर ही दूसरी बोतल खोली जाएगी। खुराक पिलाने के बाद इसे एमसीपी कार्ड पर दर्ज भी किया जाएगा।
नगरीय स्वास्थ्य मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. एके कुशवाहा, यूनीसेफ के डीएमसी आलोक राय, सचिन चौरसिसा, शैलेंद्र राय, वेदांती, शशि मिश्रा, अनुराधा, परमहंस, प्रवेश सहित अन्य शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद रहे।

   पांच साल में नौ खुराक है जरूरी

एसीएमओ डॉ. हुसैन ने बताया कि नौ माह से पांच साल के बीच बच्चे को नौ खुराक पिलाया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नौ माह से 12 माह तक के बच्चों को एक एमएल, 12 माह से ऊपर के बच्चों को दो एमएल हर छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक दी जाती है। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण सत्र पर विटामिन-ए की खुराक पिलाने की व्यवस्था होगी। लोगों को चाहिए कि पांच साल तक के बच्चों को सत्र पर लाकर खुराक जरूर पिलवाएं। एनीमिया से बचाव के लिए आईएफए सीरप भी बच्चों को दिया जाना है।

       रतौंधी व डायरिया से होगा बचाव

डॉ. हुसैन ने बताया कि बच्चों में होने वाली रतौंधी व डॉयरिया रोग से विटामिन-ए की खुराक सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा इसके सेवन से शरीर की स्किन में खुरदुरापन नहीं होता है। बच्चों की ग्रोथ अच्छी होती है। आंख व रेटिना की होने वाली कई समस्याएं भी नहीं होने पाती हैं। उन्होंने बताया कि विटामिन ए वसा में एक घुलनशील विटामिन है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। कोविड से बचाव में रोग प्रतिरोधक क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूर्ण खुराक पाने वाले बच्चे प्रतिरक्षित व पोषित होते हैं।

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