आयुष्मान भारत के तीन वर्ष पूरे होने पर बस्ती के आठ अस्पताल सम्मानित

 

                          (विशाल मोदी) 

 बस्ती (उ.प्र.) । प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) कार्यक्रम के तीन वर्ष पूरा होने पर एएनएम प्रशिक्षण केंद्र बस्ती में संगोष्ठी व सम्मान समारोह गुरुवार को आयोजित हुआ। इस मौके पर योजना में अच्छा काम करने वाले अस्पताल संचालकों को सम्मानित करने के साथ ही लाभार्थियों को योजना के प्रति जागरूक किया गया। योजना का लाभ लेने वाले कुछ लाभार्थियों ने अपना अनुभव भी साझा किया।

प्रभारी सीएमओ डॉ. एफ हुसैन ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान है। जिले के 1.66 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड आवंटित हो चुका है। समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर व गांव-गांव कैम्प आयोजित कर कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिले में 1.59 लाख परिवारों का नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल है। सात लाख से ज्यादा लोगों के कार्ड बनाए जाने हैं। मौजूदा प्रगति को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता व अन्य जागरूक लोग आगे आकर सूची में शामिल लोगों को चिन्ह्ति कर उनका कार्ड बनवाएं, जिससे वह समय पर योजना का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर डॉ. सीएल कन्नौजिया ने कहा कि तीन साल में जिले में लगभग नौ करोड़ रुपए का इलाज कराया जा चुका है। निजी अस्पतालों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारा प्रयास है कि 70 प्रतिशत लाभार्थी परिवार में कम से कम एक व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बना दिया जाए। जिला ग्रिवांस मैनेजर अजय प्रकाश मिश्रा ने तीन साल की प्रगति के बारे में बताया।
इस अवसर पर डॉ. राकेशमणि त्रिपाठी, डॉ. एके कुशवाहा, डॉ. विमल, डॉ. राजेश पांडेय, राकेश पांडेय, महेंद्र कुमार गुप्ता, प्रवीण देव, राहुल राव, राजेश, कमल, डॉ. माधुरी सिंह, डॉ. शैलजा सिंह, वीके अय्यर सहित अन्य कार्यक्रम में शामिल रहे।

   यह अस्पताल हुए सम्मानित

ओपेक अस्पताल कैली, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साऊंघाट, नवयुग मेडिकल सेंटर, संतकबीर आई हास्पिटल, नवज्योति आई हास्पिटल, जेजे हास्पिटल, तथास्तु हास्पिटल, श्री कृष्णा मिशन हास्पिटल

कार्यक्रम में आए लाभार्थियों व कार्ड धारकों ने योजना के बारे में अपना अनुभव साझा किया। महसो निवासी रामवृक्ष का कहना था कि उसके दोनों पैर बेकार हो गए थे। पीएमसी हास्पिटल में दिखाया तो चिकित्सक ने बताया कि दोनों घुटनों का आपरेशन होगा। 1.60 लाख खर्च आएगा। इतना वह खर्चा नहीं उठा सकते थे। अस्पताल को आयुष्मान कार्ड दिखाया तो निशुल्क इलाज हुआ। अब वह धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
सल्टौआ ब्लॉक के सिसवा बरूआर निवासी वीरेंद्र कुमार का कहना था कि उसके 12 साल के बेटे अंश यादव के दिल में सुराख है। उसके पास दो बीघा जमीन व आठ लोगों का परिवार है। अब उसने बेटे का आयुष्मान कार्ड बनवा लिया है। जल्द ही बड़े शहर में जाकर ऑपरेशन करा सकेगा। वहां मौजूद दुर्गावती देवी, मो. आरिफ, मो. अशफाक, सुभांशी कसौधन, विशष चंद का कहना था कि उन्हें इलाज कराना है। कार्ड बन गया है अब नि:शुल्‍क इलाज हो सकेगा।

 कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि जिन लोगों के पास अन्त्योदय कार्ड है तथा उनका नाम आयुष्मान की सूची में नहीं है, उनका भी अब आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। पोर्टल पर अब यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। लोग अपने अन्त्योदय कार्ड व आधार कार्ड के साथ करीबी जन सेवा केंद्र पर जाकर निःशुल्क कार्ड बनवा सकते हैं।

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