3 सितम्बर व्यापारी घोषित करे सरकार : व्यापार मण्डल के सम्मेलन में मांगों को लेकर भरी हुंकार

 

                          (विशाल मोदी) 

 बस्ती (उ.प्र.) । राष्ट्रीय व्यापारी दिवस के अवसर पर तीन सितम्बर को स्थानीय डीपीएस स्कूल पचपेड़िया पर व्यापारी सम्मेलन व व्यापारी सम्मान दिवस का आयोजन जय पूर्वांचल व्यापार मण्डल व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल बस्ती द्वारा किया गया। जिसमें उपस्थित सभी व्यापारियों ने एकमत से अपनी राय व्यक्त किया।सम्मेलन में व्यापारियों ने छ: सूत्रीय मांग रखते हुए 03 सितम्बर को राष्ट्रीय व्यापारी दिवस घोषित किए जाने, समस्त पेट्रोलियम प्रोडक्ट को (मंहगाई कम करने के लिए) जीएसटी के दायरे में लाये जाने, जीएसटी लागू होने के प्रथम दो वर्ष के देयकों का ब्याज माफ किये जाने, जीएसटी की सभी विसंगतियों को दूर किये जाने, सभी आयकरदाता व्यापारियों को निश्चित उम्र सीमा के बाद पेंशन दिये जाने एवं प्रदेश के सभी जनपदों में अलग से ट्रांसपोर्ट नगर बसाये जाने की मांग किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ महामंत्री राम विनय पाण्डेय व महामंत्री बृजेश सिंह मुन्ना ने किया।

संगठन के प्रान्तीय उपाध्यक्ष अमरमणि पाण्डेय ने कहा कि देश को सर्वाधिक राजस्व देने वाला व्यापारी समाज इस कोरोना संकट में मानवता के साथ खड़ा रहा। परन्तु सरकारों ने हमारे ऊपर लद रहे ब्याज, बिजली बिल सहित जीएसटी पर अर्थदण्ड भी लगा रखा है।
प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि हम सरकार से मांग करते है कि कोरोना काल का व्यावसायिक बिजली बिल माफ करने सहित कोरोना से मृत व्यापारी व उनके परिजनों को 10 लाख की राहत राशि प्रदान करें। मण्डल प्रभारी राधेश्याम कमलापुरी ने कहा कि देश व प्रदेश की सरकारें व्यापारी को दुधारू गाय समझती है। व्यापार कल्याण के बारें में नही सोचतीं। हमारी एकता ही सरकारों को हमारे हित में निर्णय करने को मजबूर कर सकती हैं।
जिलाध्यक्ष सुबाष चन्द्र शुक्ल ने कहा कि बाल दिवस, मजदूर दिवस, युवा दिवस, अधिवक्ता दिवस सहित तमाम वर्गों के लिए अलग-अलग दिवस घोषित है परन्तु देश के सबसे समर्पित वर्ग व्यापारी का कोई दिवस नहीं है। पेट्रोलियम की मंहगाई से सभी वस्तुएं महंगी हो गई हैं। जिसका दोषी देश का नागरिक व्यापारी को मानता है। सरकार तुरन्त पेट्रोलियम प्रोडक्टस को जीएसटी के दायरे में लाकर व्यापारियों के सर से यह दोष हटाएं कि सामान व्यापारी महंगा कर रहा है।
जिला महामंत्री रामविनय पाण्डेय व बृजेश सिंह मुन्ना ने कहा कि जब जीएसटी को बड़े अधिकारी व अधिवक्ता नहीं समझ पा रहे हैं तो व्यापारी पर अर्थ दण्ड क्यों लगाया जा रहा है। जीएसटी लागू करने के प्रथम 2 वर्ष के देय पर ब्याज माफ कर व्यापारियों को राहत प्रदान किया जाना चाहिए। जिला मंत्री व महराजगंज बाजार सहित कप्तानगंज विधान सभा प्रभारी सीके अग्रहरि ने कहा कि व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए सरकारें सभी जनपदों में अलग से ट्रान्सपोर्ट नगर बसायें। कार्यक्रम में राधेश्याम कमलापुरी, रमेश सिंह, सत्यपाल टीटू, प्रमोद गाडिया, जितेन्द्र मिश्र, जयेश सिंह मुन्ना, अखिलेश दूबे, सुनील मिश्र, रामबाबू श्रीवास्तव, रामसुरेमन यादव, डा. वीरेन्द्र त्रिपाठी, शिव श्याम चौधरी, गौरीशंकर पाल, सीके अग्रहरि, महेन्द्र नाथ पाण्डेय, अरविन्द श्रीवास्तव, सीपी मिश्र, सर्वेश श्रीवास्तव, अयोध्या कसौधन एवं अमन गुप्ता को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपनी भागीदारी निभाई।

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