दिव्यांगों के उत्थान को समर्पित नासेर्प का वेबिनार सम्पन्न

 

                         (संजीव पाण्डेय) 

सिद्धार्थनगर (उ.प्र.) । दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संगठन नासेर्प के संयोजकत्व में वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ साथ शैक्षिक प्रशासनिक और सामाजिक कार्य में सिद्धहस्त विद्वानों के एक अद्वितीय समन्वयन का प्रयास किया।

रविवार छ: जून को हुए इस वेबीनार में सामाजिक संस्थानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की दिव्यांग के कल्याण और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की भूमिका, विषय पर विद्वतजनों के विचारों से समस्त प्रतिभागी लाभान्वित हुए अपने सुदीर्घ और अद्वितीय कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले वेबीनार के मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश में डिप्टी डायरेक्टर (उप निदेशक) अजीत प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के साथ साथ कोविड-19 के द्वितीय लहर में मानव से मानव की चेन बनाकर एक दूसरे के सहयोग जिसमें दवा,ऑक्सीजन, खून, प्लाज्मा, या धन जैसी आवश्यकता ध्यान में रखते हुए मानव सहयोगी वानर सेना के सृजन और कश्मीर से कन्याकुमारी तक अनगिनत मानवीय सहयोग के उदाहरण पर विशद चर्चा की। 
उन्होंने संगठन के बैनर तले समस्त विभागीय सहयोग का भरपूर आश्वासन दिया।बेबीनार में विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश शासन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में उप निदेशक अमित राय के साथ ही साथ डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक डॉ. शकुंतला मिश्रा ने राष्ट्रीय संगठन के इस पहल की प्रशंसा के साथ-साथ बेबीनोर आयोजन के लिए पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए अपने अनुभव को साझा करते हुए आशीर्वचन प्रदान किया। कहा कि दिव्यांगजन के हितार्थ विभाग द्वारा संचालित समस्त कार्य योजनाओं को समाज के सबसे निम्नतम धरातल तक पहुंचाने का हम सबका मानवीय दायित्व है जिसका निर्वहन हम सभी मनोयोग से करेंगे । दिव्यांगों का विकास, समाज के विकास का एक विशिष्ट सोपान है। इस प्रतिबद्धता को प्रकट करते हुए श्री राय ने इसे विधिक, नैतिक और मानवीय मूल्यों के लिए प्रासंगिक बताया ।
 विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रोफेसर विनोद तनेजा पूर्व संकाय प्रमुख शिक्षा संकाय पंजाब विश्वविद्यालय ने अपने दीर्घतम अनुभव से सामाजिक संस्थानों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के गुरुतर दायित्वों का उल्लेख करते हुए शिक्षा को समाज के उत्थान का एकमात्र संसाधन बताते हुए वेद, उपनिषद, पुराण, धर्म और संस्कार परिमार्जन हेतु समय-समय पर उत्पन्न होने वाले सामाजिक आंदोलन पर चर्चा करते हुए विशेषकर विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के कार्य में विषमताओं के बावजूद विशेष शिक्षकों के योगदान व राष्ट्रीय संगठन के कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की।
वेबिनार में वक्ता के रूप में जुड़ी बहन सुभाष राठी उत्तर प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य शासकीय अधिवक्ता उच्च न्यायालय प्रयागराज और ओम प्रकाश शुक्ला गांधी अकादमी सागर अकादमी के उपनिदेशक, राज्यवर्धन सिंह राजू वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मिशन आत्मसंतुष्टि उत्तर प्रदेश के निदेशक, और श्रीनारायण यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने अनुभवों को साझा किए। वेबीनार की प्रासंगिकता को समुचित ऊंचाई प्रदान करने हेतु मूक बधिर प्रतिभागियों के ग्राह्यता को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का आद्यंत संकेत भाषा में अनुवाद करने हेतु विशेषज्ञों का एक दल जिसमें विशाल पवार, कुमारी चांदनी सोनवानी, सचिन लोधी, श्रीमती मोर्टल जोशी ने अपना योगदान दिया। बेबीनार में अतिथिगण का स्वागत नागेश पांडेय राष्ट्रीय उपध्यक्ष नासेर्प द्वारा किया गया। वेबीनार का सफल संचालन नागेश पांडेय व्याख्याता सीआरसी लखनऊ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नासेर्प द्वारा किया गया।

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