सेहत अमले की मनमानी से दम तोड़ रहे मरीज, लगा आक्सीजन भी निकालना चाहते हैं एसआईसी

 

                       (विशाल मोदी) 

 बस्ती (उ.प्र.) । वैश्विक महामारी कोरोना लगातार अपना रौद्र रुप दिखा रही है और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों की निष्ठुरता के एक से एक उदाहरण सामने आ रहे हैं। ऐसे में महामारी की चपेट में आए नागरिकों का कोई पुरूसाहाल नहीं है। आलम यह है कि मरीज को उसके परिजन अपनी व्यवस्था से भी लगाए हुए आक्सीजन का उपयोग कर जान नहीं बचाने पा रहे हैं। आक्सीजन की व्यवस्था के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट वर्षों से अधर में हैं। अब इस आपदा में हर कोई हाथ खड़े कर दे रहा है। यह अंधेर गर्दी नहीं तो और क्या है। लगातार जन सरोकारों के मुद्दों की लड़ाई लड़ने वाले विधायक संजय जायसवाल ने बस्ती का दर्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है और लगातार व्यवस्था में सुधार के लिए कोशिशें कर रहे हैं। आलम यह है कि जरुरतमंद परिवार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता से भी अधिकारियों की सुस्ती के कारण महरुम हैं। 

(ओपेक चिकित्सालय कैली बस्ती के बाहर एम्बुलेंस व अपने निजी वाहनों में मरीज भर्ती कराने के लिए इंतजार करते लोग व भर्ती के इंतजार में प्रतीक्षा कुर्सी पर लेटी महिला मरीज)

 रूधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कोरोना महामारी संकट के बीच आक्सीजन, जीवन रक्षक दवाओं के अभाव, मरीजों के परिजनों का उत्पीड़न, ओपेक चिकित्सालय कैली व जिला अस्पताल में व्याप्त समस्याओं, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से गंभीर रोगों के इलाज हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता सम्बधित पत्रावलियों का जिला स्तर से आख्या रिपोर्ट भेजे जाने में की जा रही लापरवाही, ओपेक चिकित्सालय कैली में आक्सीजल प्लांट शुरू कराये जाने आदि विन्दुओं को लेकर मुख्यमंत्री को 4 पत्र भेजकर समस्याओं के निस्तारण की मांग किया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्रों में रूधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से गंभीर रोगों के इलाज हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता के मामले में सम्बधित पत्रावलियों का जिला स्तर से निस्तारण न होने के कारण मरीजों को मदद नहीं मिल पा रही है और वे इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। पत्र में भाजपा विधायक संजय प्रताप ने कहा है कि जिला चिकित्सालय में आक्सीजन की कमी है। वर्तमान एसआईसी आलोक कुमार वर्मा मरीजों के तीमारदारों से दुर्व्यवहार करते हैं। रूधौली के वार्ड नम्बर 13 के सभासद श्याम कुमार ने अपने भाई प्रशान्त कुमार को गत 28 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, स्वंय आक्सीजन की व्यवस्था किया, किन्तु एसआईसी आलोक कुमार वर्मा द्वारा आक्सीजन सिलेण्डर निकाला जाने लगा। परिजनों के विरोध पर वे चले गये, किन्तु मरीज को दूसरा सिलेण्डर नहीं मिल पाया। जिसके कारण 03 मई को उसकी मौत हो गई। 

अव्यवस्था और मनमानी के अनेक उदाहरण देते हुये विधायक संजय प्रताप ने अस्पतालों में व्याप्त मनमानी का उल्लेख किया है। ओपेक चिकित्सालय कैली में व्याप्त अव्यवस्था का पत्र में उल्लेख करते हुये विधायक ने कहा है कि कोविड वार्ड में मरीजों को समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है। 3.47 करोड़ रूपये लागत से जीवन रक्षक आक्सीजन पाइप लाइन , फायर फायटिंग, 200 सिलेन्डर प्रतिदिन जनरेट करने वाली आक्साीजन के करोड़ों रूपये का प्रोजेक्ट चार वर्ष बीत जाने पर भी पूरा नहीं हो सका है। 8.45 करोड़ की लागत वाले पाइप लाइन की परियोजना भी अभी लम्बित है। विधायक ने कहा है कि यह भी पता चला है कि जो भी आक्सीजन पाइप लाइन से सप्लाई दी जा रही है वह 20 वर्ष पुरानी है जो बड़ी लापरवाही है। उन्होंने आग्रह किया है कि अधूरे कार्य शीघ्र पूरे कराये जायं। इसके साथ ही कोरोना से संक्रमित हुये मरीजों के इलाज हेतु जांच किट, आक्सीजन, टीका, बेड आदि संसाधन उपलब्ध कराया जाय। यह जानकारी विधायक संजय प्रताप के मीडिया प्रभारी अमर सोनी ने विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। 

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