कविराज वैद्य आत्माराम का निधन

                      (बृजवासी शुक्ल) 

गोरखपुर (उ.प्र.)। देश विदेश में पूर्वांचल की पहचान बन चुके वैद्य प्रवर, कविराज वैद्य आत्माराम दुबेजी का आज प्रातः 6:30 बजे दिल्ली के मेदांता अस्पताल में कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। 

गोलोक वासी वैद्य आत्माराम दुबे जी का जन्म चौरी चौरा के पास स्थित सुविख्यात ब्रह्मपुर गांव में वैद्य गया प्रसाद दुबे के घर हुआ था, जिनकी वेद्यकी के चर्चे पूरे प्रदेश में ख्याति प्राप्त थे। आप ने 1961 में काशी से ए एम बी एस की उपाधि धारण की थी और 1961 से अहर्निश रोगियों की सेवा में आपने 60 वर्ष गुजारे। ओजस्वी व्यक्तित्व और गंभीर वाणी के साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी, आयुर्वेद के साथ-साथ वेद, दर्शन, तंत्र, संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू साहित्य के ज्ञान और ज्योतिष तथा अध्यात्म की आभा से प्रकाशमान होकर आपने मानवीय संवेदनाओं के साथ चिकित्सकीय दायित्व का आजीवन निर्वहन किया । गर्मियों में धोती कुर्ता और कंधे पर एक गमछा और जाड़े में अचकन और चूड़ीदार पजामा और सर पर टोपी धारण करने वाले 6 फीट से भी अधिक निकलते शरीर के स्वामी वैद्य आत्माराम जी के गोलोक वासी होनेसे पूरे पूर्वांचल को एक अपूरणीय क्षति हुई है। देश विदेश में विभिन्न मंचों पर सम्मानित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले वैद्य आत्माराम जी को कोरोना की शिकायत होने पर फातिमा ,पेनेशिया, एयरफोर्स आदि अस्पतालों में इलाज से जब लाभ नहीं हुआ तो वायु मार्ग से उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती किया गया। परंतु उनकी सांसों ने आज प्रातः 6:30 के शरीर का साथ छोड़ दिया। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जाएगा। इनके परिवार में पुत्र वैद्य शिवानिकेत दूबे और वैद्य कृष्ण निकेत दूबे हैं तथा वैद्य रामेश्वर, डा०अमरेश्वर, अभिजीत और आदित्य पौत्र हैं।

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