टूटेगा रिकार्ड : यूपी बोर्ड में इस साल पास हो सकते हैं सौ फीसदी छात्र

 

                      (चिन्मय श्याम) 

प्रयागराज (उ.प्र.)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने की तैयारी है। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी करीब 30 लाख छात्र-छात्राओं को कक्षा 11 में प्रोन्नति मिल सकती है। बोर्ड प्रशासन की वेबसाइट पर नौवीं कक्षा के विषयवार अंक अपलोड होना शुरू हो गए हैं। गुरुवार देर शाम तक करीब डेढ़ लाख परीक्षार्थियों के अंक अपलोड किए जाने की सूचना है। यह जरूर है कि इस पर अभी शासन की मुहर लगना बाकी है।

यूपी बोर्ड कोरोना संक्रमण की वजह से हाईस्कूल की परीक्षा न कराने की दिशा में प्रयासरत है। सीबीएसई सहित देशभर के कई शिक्षा बोर्ड इस ओर पहले ही कदम बढ़ा चुके हैं। यूपी बोर्ड में देरी की वजह परीक्षा प्रणाली दुरुस्त न होना है। असल में कई दिन तक उस फार्मूले की तलाश हुई, जिसमें परीक्षार्थियों को दिए जाने वाले विषयवार अंक निर्विवाद हों। सभी को अंक देना इसलिए जरूरी है कि आगे मेरिट से चयन में छात्र-छात्राओं को परेशानी न हो। हर किसी की जन्म तारीख का हाईस्कूल का प्रमाणपत्र अहम रिकॉर्ड भी है।

अभी 87.66 फीसद तक रहा है सफलता प्रतिशत

 नौवीं व ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षा के अंक बोर्ड मुख्यालय नहीं आते हैं। इसलिए अब बोर्ड को रिकॉर्ड कॉलेजों से मांगना पड़ रहा है। आमतौर पर हाईस्कूल की परीक्षा का सफलता प्रतिशत अधिकतम 87.66 फीसद तक रहा है, इसमें हर वर्ष उतार-चढ़ाव होता रहा है। इस बार प्रमोट करने में सभी छात्र-छात्राओं को सफल घोषित करने की तैयारी है। यानी पहली बार 100 फीसद उत्तीर्ण हो सकते हैं।

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