कोरोना के खौफ से पड़ी रही लाश तो रणधीर ने बढ़ाया हाथ, पुलिस ने किया अंतिम संस्कार

  

                     (घनश्याम मौर्य) 

सिद्धार्थनगर (उ.प्र.) । जिले की त्रिलोकपुर पुलिस ने कोरोना की दूसरी और खतरनाक लहर में मानवता की रक्षा करते हुए बहुत बड़ा रिस्क लिया है। थाना क्षेत्र के मल्हवार गांव में एक युवक की मौत के बाद कोरोना के भय से परिजन उसकी अंत्येष्टि करने से पीछे हट गए। घर में 18 घंटे तक शव पड़ा रहा और परिवार के लोग कुछ दूरी पर रोते रहे। दहशत ऐसी कि गांव के कुछ लोग भी अपने घर के दरवाजे व खिड़की से झांकते नजर आए, जबकि युवक के इलाज के दौरान कोरोना संक्रमण की जांच नहीं हुई थी। पुलिस को खबर लगी तो एक मई को दस पुलिस कर्मियों ने शव को कंधा देकर शमशान घाट पहुंचाया और खुद अंत्येष्टि कर दी।

कोरोना संक्रमण से सतर्कता और जानकारी के अभाव में गांव के लोगों ने चंद्रशेखर की अंत्येष्टि में शामिल होने की हिम्मत नहीं जुटाई। उसके भाई, पत्नी और दो बच्चे भी कुछ दूर जाकर सिसक रहे थे। घर में रात नौ बजे उसकी मौत हुई और सुबह 11 बजे तक शव जहां था, वहीं पड़ा था। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्र ने मामले से पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत व क्षेत्राधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव को अवगत कराया और मिले दिशा निर्देश के अनुसार मय फोर्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने चंद्रशेखर के भाई की मदद से अंत्येष्टि कराई।

प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा ने बताया कि गांव में कोई युवक का शव उठाने को तैयार नहीं था। इसलिए पुलिस को आगे आना पड़ा। उन्होंने सभी दस पुलिस कर्मियों को थ्री लेयर मास्क, ग्लब्स पहनाकर तैयार करके सैनिटाइज कराया। उसके बाद डॉक्टर की राय के अनुसार सबसे पहले मृतक का चेहरा डबल लेयर प्लास्टिक से बांध दिया। उसके बाद सैनिटाइजर का उपयोग करके शव को कफन पहना दिया। तीन लोगों के हाथ में सैनिटाइजर था, जो सभी पुलिस वालों को बार-बार सैनिटाइज कर रहे थे। अंतिम संस्कार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकपुर रणधीर कुमार मिश्र, उनि. अजय कुमार सिंह यादव , अख्तर, राजेश कुमार शुक्ल, हेका. हरिप्रसाद शर्मा, लक्ष्मी सिंह , का. पप्पू गुप्ता, गजानन्द पाण्डेय , पवन कुमार यादव, सुनील कुमार, धर्मवीर यादव शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक गांव में पहुंचकर देखा गया कि पूरा गांव खाली था।

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के मल्हवार गांव निवासी चंद्रशेखर चतुर्वेदी (35) पुत्र शीतला प्रसाद करीब 15 दिनों से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से बीमार था। परिजन उसे घर पर ही रख कर काढ़ा, दवा आदि उपचार कराते रहे। 30 अप्रैल शुक्रवार की रात करीब नौ बजे उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी। सांस लेने में तकलीफ होने के बाद परिजनों ने 108 पर फोनकर एंबुलेंस की सहायता मांगी। जब तक एंबुलेंस पहुंची, तब तक चंद्रशेखर चतुर्वेदी की मौत हो गई। चंद्रशेखर के छोटे भाई की 25 अप्रैल को शादी थी। शादी में परिवार और रिश्तेदार शामिल हुए थे। प्रभारी निरीक्षक रणधीर कुमार मिश्र ने परिजनों को समझाया कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और स्वास्थ्य की समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें और हां मास्क जरुर पहनें और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।

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