84 दिन बाद ही कोविशील्ड की दूसरी डोज लेने जाएं लाभार्थी

 

                            (नीतू सिंह) 

बस्ती (उ.प्र.)। कोविशील्ड टीके के दूसरे डोज में अंतर बढ़ने से इम्युनिटी और स्ट्रांग होगी। इससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। टीके की दूसरी डोज केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 84 दिन बाद ही लगवाएं। यह कहना है जिला प्रतिरक्षण अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन का।

डॉ. हुसैन ने बताया कि टीके के बारे में वैज्ञानिकों व चिकित्सकों के अनुभव में जैसे-जैसे इजाफा हो रहा है, उसी तरह वैक्सीनेशन के नियमों में बदलाव किया जा रहा है। सबसे पहले कोरोना के टीके की दूसरी डोज के लिए 28 दिन का अंतर निर्धारित किया गया था। बाद में कोविशील्ड की दूसरी डोज के अंतर में कुछ बदलाव किया गया और यह अंतर बढ़ाकर 42 से 52 दिन कर दिया गया था। उनका कहना है कि अब इसमें एक बार फिर बदलाव कर कोविशील्ड के दूसरे डोज में अंतर बढ़ाकर 84 दिन कर दिया गया है। देश में सबसे ज्यादा कोविशील्ड का ही टीका लगाया जा रहा है। अब तक जिन लोगों को दूसरी डोज नहीं लगी है, वह अपने पहले डोज की तिथि से 84 दिन के अंतर पर ही दूसरी डोज लगवाने के लिए टीकाकरण केंद्र पर आएं।
कोविड का टीका लगाने के बाद सभी लाभार्थी को टीकाकरण कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थी के नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ उसे लगाई गई वैक्सीन का नाम, पहले डोज की तारीख व अगले दूसरे डोज की तिथि उस पर दर्ज की जाती है। लाभार्थी को कार्ड पर दर्ज दूसरे डोज की तिथि पर टीकाकरण केंद्र पर पहुंचकर टीका लगवाना होता है। उन्होंने बताया कि लोग दूसरी डोज लगवाने के लिए आने वाले कार्ड पर दर्ज तिथि पर ही कोविशील्ड टीका लगाने के लिए दबाव बना रहे हैं। टीके की दूसरी डोज सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दी जाएगी। बनाते हैं, जो संभव नहीं होता है।

कोविड का पहला टीका लगने के बाद लाभार्थी से संबंधित विवरण कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। पोर्टल पर दूसरी डोज का भी विवरण अपलोड किया जाता है। दूसरी डोज का निर्धारित अंतर कम होने पर पोर्टल उसे स्वीकार्य नहीं करता है। कोविशील्ड के मामले में अब पोर्टल पर 84 दिन से पहले दूसरी डोज स्वीकार्य नहीं की जा रही है। लाभार्थियों को चाहिए वह समय की बर्बादी व टीकाकरण केंद्र पर भीड़-भाड़ से बचने के लिए पहली डोज की तारीख से 84 दिन बाद ही केंद्र पर टीका लगवाने आएं।

      टीके की एक डोज ही बचा दे रही है जान

कोविड प्रशिक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऑफताब रजा का कहना है कि टीके की एक डोज से ही शरीर में लगभग 80 प्रतिशत तक इम्युनिटी डेवलप हो जाती है। दूसरी डोज में यह थोड़ा और बढ़ती है। टीके की एक डोज लगवा चुके ज्यादातर लोग कोरोना से प्रभावित होने के बाद भी सुरक्षित हैं। बीमार होने के बाद भी उनमें से अधिकांश की जान बच जा रही है। कोविशील्ड की दूसरी डोज की समय सीमा बढ़ने से इसका फायदा बड़ी संख्या में अन्य जरूरतमंदों को मिल रहा है। ऐसे समय में जब वैक्सीन की आपूर्ति सीमित है, जबकि टीका लगवाने वालों की संख्या ज्यादा है। सीमित टीके में भी ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में टीका वरदान साबित हो रहा है।

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