कोरोना कंट्रोल के लिए 75 जिलों में नोडल अधिकारी, मुकेश मेश्राम बस्ती - कबीर नगर व अनिल सागर सिद्धार्थ नगर के नोडल अधिकारी बने

                     (बृजवासी शुक्ल) 

लखनऊ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम और संक्रमितों को बेहतर इलाज मुहैया हो सके। इसके लिए लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 59 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को जनपदों का नोडल अधिकारी बनाया है। यह सभी जिलों में एक सप्ताह तक प्रवास करेंगे। यह सभी लोग कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपाय सुझाने के साथ सीएचसी व पीएचसी में ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के जिला प्रशासन के कार्यों का निरीक्षण करेंगे। 

कोरोना महामारी का प्रकोप अब शहर के साथ-साथ ग्रामीण जिलों में भी तेजी से फैल रहा है। इसे रोकने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने टीम-09 के समीक्षा बैठक में 75 जिलों में नोडल अफसरों को तैनात किए जाने का निर्णय किया। अपर मुख्य सचिव के साथ ही प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी गांवों में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण पर अंकुश लगाने के प्रयास में जिला प्रशासन के कार्य पर नजर रखेंगे। नोडल अधिकारी रोजाना जिलाधिकारी व सेक्टर प्रभारियों के रूप में तैनात जिला प्रशासन के अधिकारी से प्रगति रिपोर्ट लेंगे।

      जिलों में तैनात हुए नोडल अधिकारी 

मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि 75 जिलों में जो नोडल अधिकारी बनाये गए हैें। उनमें संजय गोयल को प्रयागराज, रणधीर प्रसाद को फतेहपुर, सुधीर गर्ग को प्रतापगढ़, सुधीर महादेव को कौशाम्बी, भुवनेश कुमार को जौनपुर, दीपक अग्रवाल को चंदौली व वाराणी, समीर वर्मा को गाजीपुर, मो. मुस्तफा को सोनभद्र, योगेश्वर राम को मिश्र को संत रविदास नगर, भदोही और मिर्जापुर, के रवीन्द्र नायक को आजमगढ़, विजय विश्वास पंत को बलिया व मऊ, जयंत नार्लिकर को गोरखपुर, वी. हेकाली झिमोमी को देवरिया, पनधारी यादव को कुशीनगर, राजन शुक्ल को महाराजगंज, मुकेश कुमार मेश्राम को बस्ती व संत कबीरनगर, अनिल कुमार सागर को सिद्धार्थनगर, अनुराग यादव को गोंडा एसवीएस रंगा राव को बलरामपुर एवं श्रावस्ती, डा. हरिओम को बहराइच, टी. वेकटेश अयोध्या, महेन्द्र प्रसाद को अम्बेडकर नगर, अरविन्द कुमार को बाराबंकी, अनिल कुमार द्वितीय को सुल्तानपुर, मोनिका एस गर्ग को अमेठी बनाया भेजा गया है। इसी तरह डा. रोशन जैकब को लखनऊ, एमवीएस रामी रेड्डी को रायबरेली, डिम्पल वर्मा को हरदोई, दीपक कुमार को उन्नाव, मिनिस्ती एस को सीतापुर, रंजन कुमार को खीरी, अजय चौहान को कन्नौज और फर्रुखाबाद, डा. राजशेखर को कानपुर, कानपुर देहात, हेमंत राव को औरेय एव इटावा, आमोद कुमार को बांदा, रवि कुमार एनजी को हमीरपुर एवं महोबा,दिनेश कुमार द्वितीय को चित्रकूट, रजनीश गुप्ता को जालौन भेजा गया है। 

इनके अलावा सुभाष चंद्र को झांसी ललितपुर, अनिल कुमार तृतीय को मैनपुरी, मयूर माहेश्वरी को मथुरा, रिग्जियान सैम्फिल को फिरोजाबाद, अमित गुप्ता को आगरा, गौरव दयाल को कासगंज और अलीगढ़, प्रभात कुमार सारंगी को एटा एवं हाथरस, शमीम अहमद खान को पीलीभीत, आर रमेश कुमार को बदायूं, सुरेश चन्द्र को बरेली, नरेन्द्र पटेल को शाहजहांपुर संजय कुमार को बिजनौर, एल वेंकटेश्वर लू को रामपुर, आन्जनेय कुमार सिंह को मुरादाबाद एवं संभल, भगेलू राम शास्त्री अमरोहा, रितू माहेश्वरी को बुलंदशहर, डा. सैंथिल पांडियान गाजियाबाद एव हापुड़, सुरेन्द्र सिंह को मेरठ और बागपत, नरेन्द्र भूषण को गौतमबुद्धनगर, बाबूलाल मीना को मुजफ्फरनगर व शामली और एवी राजामौलि को सहारनपुर भेजा गया है।

          नोडल अधिकारियों के कार्य 

जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए कोविड से संबंधित दिशा निर्देशों का पालन करवाना, कोविड से निपटने के लिए नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को सक्रिय बनाए रखना, निगरानी समितियों द्वारा डोर-टूर-डोर स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराना, निगरानी समितियों के पास पर्याप्त मेडिकल किट की उपलब्धता, निगरानी समितियों द्वारा संदिग्ध लोगों को किट उपलब्ध कराना, यह सूची प्रतिदिन जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाना, लक्षणयुक्त अथवा संदिग्ध व्यक्तियों के पास अलग टायलेट सहित कक्ष है कि नहीं यह दिखवाना, यदि नहीं है तो ऐसे मरीजों अथवा संदिग्धों को जिला प्रशासन के माध्यम से क्वारंटीन सेंटर भिजवाना, आईसीसीसी द्वारा होम आइसोलेशन तथा क्वारंटीन सेंटर में रह रहे व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी डाक्टरों की टीम द्वारा लिया जाना, निगरानी समिति द्वारा स्क्रीनिंग में मिले संदिग्ध व्यक्ति का आरआरटी द्वारा 24 घंटे में एंटीजन टेस्ट सुनिश्चित कराना, शहरों व गांवों में स्वच्छता तथा सेनिटाइजेशन तथा फागिंग सुनिश्चित कराने जैसे तमाम कदम नोडल अधिकारी उठाएंगे। 

कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्था की समीक्षा

नोडल अधिकारी यह भी देखेंगे कि प्राइवेट अस्पतालों द्वारा निर्धारित दर पर ही इलाज किया जा रहा है या नहीं। वे जिलों में गठित आरआरटी टीम का पर्यवेक्षण, जिले के कोविड चिकित्सालयों में चिकित्सकों तथा चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता, मरीजों के भोजन तथा स्वच्छता की व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे। नामित नोडल अधिकारी समस्त कार्यवाहियों की रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तथा कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को ई-मेल से भेजेंगे।

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