पत्रकार उत्पीड़न में डीएम व पुलिस प्रशासन को नोटिस : प्रेस परिषद ने मांगा जवाब

               (शैलेन्द्र पाण्डेय) 

 बस्ती (उ.प्र.) । जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में सवा साल पूर्व हुये रामराज उर्फ गम्मज हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी का जनेऊ उतरवाकर उसके साथ थर्ड डिग्री इस्तेमाल किये जाने की खबर प्रकाशित किए जाने पर पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्र के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने ताबड़तोड़ चार मुकदमें दर्ज किये जाने के मामले को भारतीय प्रेस परिषद ने गंभीरता से लेते हुये इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर कुठाराघात माना है। 

प्रेस परिषद ने मुख्य सचिव उ.प्र. शासन, सचिव गुह (पुलिस विभाग), पुलिस महानिरीक्षक ए.के. राय, तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस कप्तान हेमराज मीणा तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामपाल यादव को नोटिस भेजकर दो हफ्ते के अंदर लिखित जवाब मांगा है। बता दें कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र के इटहिया निवासी रामराज उर्फ गम्मज को 28 अक्टूबर 2019 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड खासा सुर्खियों में रहा। अलबत्ता यह जरुर है कि मृतक गम्मज की कोई बड़ी प्रोफाइल नहीं थी और वह खुद पुलिस रिकार्ड में पुराना अपराधी था। वह अस्पताल में भर्ती हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई थी। इस हत्याकांड में नामजद एफआईआर दर्ज हुई थी और आरोपियों की धरपकड़ और पुलिस की कार्यवाही खासा विवादों से घिरी रही। हत्याकांड में आरोपितों के परिजनों ने लखनऊ तक गुहार लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना में निर्दोष लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक कप्तानगंज सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने प्रमुख सचिव गृह, विधायक रुधौली संजय प्रताप जायसवाल ने प्रभारी मंत्री, सवर्ण लिबरेशन फ्रंट के दीनदयाल तिवारी ने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेन्द्र नाथ तिवारी ने पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखा था ।  

परिजनों ने पुलिस पर मामले में साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था। बताया जा रहा था कि घटना के पहले और बाद में सभी का मोबाइल खुला था। कोई भी घटनास्थल पर नहीं था। आरोप यहां तक थे कि पुलिस ने घटना से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए आरोपियों पर बर्बरता पूर्वक थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया और सभी को न्यायालय में पेश किये जाने के बाद जेल भेज दिया गया था। मृतक रामराज के परिजनों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे । उनका कहना था कि घटना में प्रयुक्त पिस्टल कहां से आई, उसे किसने उपलब्ध कराया। इसका जवाब पुलिस के पास आज तक नहीं है। इस हत्याकांड में पुलिस दोनों पक्षों के निशाने पर थी। रामराज को 28 अक्टूबर 2019 को वाल्टरगंज थाने के सुकरौली चौराहे के निकट गोली मारी गयी थी। घटना के अगले दिन इलाज के दौरान मेडिकल कालेज लखनऊ में उसकी मौत हो गई थी। पत्नी विजयलक्ष्मी की तहरीर पर तीन लोगों को नामजद किया गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

मामले में नामजद आरोपियों के प्रति पुलिस के रवैये को लेकर वरिष्ठ पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्र ने जन संदेश टाईम्स में निष्पक्षता के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिसकी प्रतिक्रिया में उनके ऊपर तेरह दिन में चार मुकदमें दर्ज हुए। 

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