पंचायत चुनाव में फंसा यूपी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल

             (आदित्य उपाध्याय) 

 प्रयागराज। पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित न होने के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा तिथियां घोषित नहीं हो पा रही हैं। बोर्ड ने एक महीने पहले ही टाइम टेबल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था।  

उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सीबीएसई का परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के बाद यूपी बोर्ड की तारीखें जारी करने की बात कही थी। लेकिन 31 दिसंबर को सीबीएसई का टेबल घोषित जारी होने के 18 दिन बाद भी यूपी बोर्ड के 10वीं-12वीं के 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को परीक्षा तिथियों का इंतजार है। यही कारण है कि इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा की तारीखें भी घोषित नहीं हो पा रही हैं। सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने 13 अगस्त 2020 को जारी शैक्षिक कैलेंडर में फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से प्रायोगिक परीक्षा शुरू कराने की संभावना जताई थी।
बोर्ड ने 5 से 10 फरवरी के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है लेकिन लिखित परीक्षा की तारीख जारी नहीं होने के कारण प्रैक्टिकल का कार्यक्रम भी जारी नहीं हो पा रहा। वैसे पूर्व के वर्षों में प्रायोगिक परीक्षा की तिथियां एक महीने पहले घोषित हो जाती थी। 2020 की बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल तो एक जुलाई 2019 को ही घोषित कर दिया गया था।

हफ्तेभर बाद भी जारी नहीं हुई परीक्षा केंद्रों की पहली सूची

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां पिछड़ती जा रही हैं। बोर्ड एक सप्ताह बीतने के बावजूद परीक्षा केंद्रों की पहली सूची जारी नहीं कर सका है। 25 नवंबर को जारी केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार 11 जनवरी को परीक्षा केंद्रों की पहली सूची का प्रकाशन होना था। जानकारी के अनुसार डिबार केंद्रों की सूची भी फाइनल हो चुकी है। लेकिन उसके बावजूद परीक्षा केंद्रों की सूची जारी न होने का कोई ठोस कारण पता नहीं चल पा रहा।

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