पंचायत चुनाव : इसी माह से बन्द हो जाएंगे गांवों में नये काम

 


(प्रशांत द्विवेदी) 

लखनऊ । यूपी में मौजूदा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25दिसंबर को खत्म हो रहा है। नियमानुसार इससे पहले गांवों में चुनाव हाे जाने चाहिए लेकिन इस बार कोरोना की वजह से चुनाव में देरी है। हालांकि सरकार की तरफ से चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। वैसे 25 दिसबंर को ग्राम प्रधानाें का कार्यकाल खत्म होते ही नए कामों की शुरुआत पर रोक लग जाएगा। सरकार की ओर से बकायदा इसके लिए शासनादेश जारी होगा।   

अधिकांश जिलों में 25 दिसंबर 2015 को शपथ दिलाई गई थी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल भी पांच साल तक के लिए ही होता है। ऐसे में अब पांच वर्ष पूरे होने के बाद 25 दिसंबर 2020 को कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नई पंचायतों के गठन से पहले किसी भी ग्राम पंचायत में कोई नया काम नहीं हो सकेगा। सिर्फ वहीं काम हो सकेंगे, जो 25 दिसंबर या इससे पूर्व शुरू हो चुके हैं। ग्राम प्रधान किसी भी खाते से पैसा नहीं निकाल सकेंगे। शासन के निर्देश पर जिसे कार्यवाहक बनाया जाएगा वहीं पैसा निकाल सकेंगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक शासन से अधिसूचना जारी नहीं हुई है। 

अधिसूचना के बाद ही ग्राम पंचायतों में नियमानुसार कार्यवाहक नियुक्त किए जाएंगे। बुलंदशहर के जिला पंचायती राज अधिकारी नन्दलाल ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। ग्राम पंचायतों का संचालन करने के लिए शासन से जारी होने वाली अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। 25 दिसंबर के बाद ग्राम पंचायतों में नए विकास कार्य नहीं हो सकेंगे। सिर्फ वहीं कार्य जारी रहेंगे, जो पहले से चल रहे हैं। इनमें सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण और जीर्णोद्धार आदि काम शामिल हैं।

चार जिलों में परिसीमन शुरू

प्रदेश के चार जिलों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के परिसीमन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह जिले हैं गोण्डा, मुरादाबाद, सम्भल और गौतमबुद्धनगर। यह वह जिले हैं जहां वर्ष 2015 के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में कानूनी अड़चनों की वजह से पंचायतों के वार्डों का समय से परिसीमन नहीं हो सका था। पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार इन जिलों में आगामी 14 दिसम्बर से 20 दिसम्बर के बीच ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का अवधारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद 21 दिसम्बर से 30 दिसम्बर के बीच ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों ) की प्रस्तावित सूची की तैयारीऔर उसका प्रकाशन करवाया जाएगा। 31 दिसम्बर से 4 जनवरी के बीच प्रस्तावित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 5 जनवरी से 9 जनवरी के बीच आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 10 जनवरी से 14 जनवरी के बीच प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

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