शरद पूर्णिमा पर आरएसएस का बौद्धिक कार्यक्रम सम्पन्न


शरद पूर्णिमा की रात का अलग महत्व है, इस रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देता है - आर एस यादव


       (चिन्मय श्याम) 


प्रयागराज । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्वाधान में शुक्रवार शाम जिले में शरद पूर्णिमा उत्सव सभी शाखाओं में उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर खेल और बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्वयं सेवकों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। बौद्धिक के बाद स्वयं सेवकों ने खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।



     शांतिपुरम सेक्टर - ए के केशव शाका में नगर सह संचालक आर एस यादव ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात का अलग महत्व है। इस रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देता है। शरद पूर्णिमा की रात चावल से बनी खीर को चलनी से ढंककर खुले आसमान में रखने की परंपरा है। शरद पूर्णिमा की रात ही चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक रहता है।  



आरएसएस 92 वर्षों से समाज शक्ति का जागरण एवं संगठन के जरिए समाजसेवा के कार्य में संगम है। इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। इस मौके पर अमृत वचन, व्यक्तित्व गीत, सामूहिक गीत भी किया गया। ।इस अवसर पर श्री राम बाबू जी, सुरेश नारायण जी, अजय जी, संतोष जी, अनुपम जी, इंद्रपाल जी , राम जी और संघ के सभी स्वंयसेवक और संघ परिवार के सभी संगठन के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शम्भुनाथ ने की । कार्यक्रम के बाद सभी ने खीर प्रसाद ग्रहण किया।


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