पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, खाद्यान्न की कालाबाजारी के बाद कुचले गये थे मजदूर, दो गिरफ्तार


(विशाल मोदी) 


बस्ती (उ.प्र.) । बीते दो सितंबर को ट्रक से पांच मजदूरों को कुचले जाने और दो की मौत हो जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में मार्केटिंग गोदाम से खुलेआम बड़े पैमाने पर खाद्यान्‍न की कालाबाजारी का भी भण्डाफोड़ हुआ है। पुलिस ने ट्रक चालक और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के निजी स्कार्पियो चालक को गिरफ्तार किया है। पापी पेट के सवाल पर गरीबों के निवाले पर डाका डालने वालों ने निरीह मजदूरों को कुचलकर मार डाला था। खाद्यान्न माफियाओं ने मजदूरों को केवल इसलिए कुचल दिया क्योंकि उन्होंने अपने मनपसंद की जगह पर खाना खाने की जिद की और वह खाना काली कमाई करने वाले को पसंद नहीं आया। ऊपर से मजदूर सौ रू. भी मांगने लगे। 



   उक्त मामले में बभनान के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राम सूरत वर्मा के निजी स्कार्पियो चालक रघुबर सिंह द्वारा बाकायदा खुलेआम ट्रक द्वारा एक सौ तीस बोरी चावल की कालाबाजारी कर हसीनाबाद के प्रेम चन्द्र गुप्ता के गोदाम पर बेचा गया था। इस कार्य में ट्रक सं. यूपी 51 टी 0719 और स्कार्पियो सं. यूपी 45 यू 9545 का प्रयोग किया गया था। पुलिस ने ट्रक चालक कप्तानगंज थानान्तर्गत बेलसड़ निवासी गणेश शंकर गिरि पुत्र राम अवध और स्कार्पियो चालक अम्बेडकर नगर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जफरपुर निवासी रघुबर सिंह पुत्र जगमोहन को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में थाना हर्रैया में मुअसं. 209 / 2020 पर भादवि की धारा 279 / 337 / 338 / 304 / 120 बी एवं मोटर अधिनियम की धारा 188 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने ट्रक और स्कार्पियो दोनों को बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती रवीन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी हर्रैया शेषमणि उपाध्याय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष हर्रैया सर्वेश राय एवं इनकी टीम ने इस जघन्य मामले में बड़ा खुलासा करते हुए घटना के पीछे सरकारी खाद्यान्न को कालाबाजारियों के हाथों बेचे जाने का भी भण्डाफोड़ किया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी में थानाध्यक्ष सर्वेश राय, उप निरीक्षक राहुल गुप्ता, हेड का. महेन्द्र यादव, का. कामरान खां एवं का. सौरभ सिंह शामिल रहे।   



 दोनों गिरफ्तार ड्राईवरों ने पूछताछ में बताया कि रघुवर सिंह उपरोक्त सहायक विपणन अधिकारी बभनान बस्ती राम सूरत वर्मा का निजी चालक था। इसके द्वारा दो सितंबर को दूरभाष से ट्रक चालक गणेश शंकर गिरी उपरोक्त से वार्ता कर इन्हें महराजगंज बुलाया गया तथा पंचम निषाद पुत्र रामजनक से बात करके मजदूरों को तैयार किया गया । पंचम पुत्र रामजनक उपरोक्त व अन्य सभी सात मजदूर पूर्व में दुबौलिया ब्लाक पर पल्लेदारी का कार्य करते थे। वहीं से इन लोगों का परिचय रघुवर सिंह से था क्योंकि पूर्व में रघुवर सिंह भी वहीं से परिचित था । बातचीत के बाद सायं करीब सात बजे रघुवर सिंह उपरोक्त स्कार्पियों गाड़ी से महराजगंज आया वहीं पर सभी सात मजदूर क्रमशः पंचम, हृदयराम, गुड्डू, कनिक राम, लल्लन, विकास एवं जंगबहादुर मिले । सभी को गाड़ी से लेकर भीटी मिश्र गये । वहां पर स्कार्पियों गाड़ी को छोड़ कर ट्रक में स्वयं लेबरों के साथ बैठकर सरकारी गोदाम जाकर वहां से माल (चावल 130 बोरी) लदवाया गया । चावल को ले आकर प्रेम चन्द गुप्ता के हसीनाबाद स्थित गोदाम पर बेचा गया । इसके उपरांत सभी लेबरों को ट्रक मे बैठा कर दोनो गाड़ियों से साथ साथ संसारीपुर स्थित सैनिक ढाबा पर आये। यहां आने से पूर्व हसीनाबाद में ही सभी के द्वारा शराब का सेवन किया गया । सैनिक ढाबा पर खाना खाने के दौरान ट्रक चालक व लेबरों में विवाद हो गया। पूछताछ में मजदूरों द्वारा बताया गया कि चालक से 100 रू. मांगा जा रहा था, जिस पर वाद विवाद हुआ, परन्तु जांच के दौरान पूछताछ से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि ट्रक चालक दूसरे ढाबा पर रोक कर खाना खाना चाह रहा था परन्तु रास्ते में मजदूरों द्वारा सैनिक ढाबा पर ही खाना खाने की जिद की गयी । इसी बात को लेकर ढाबा पर खाने के दौरान ट्रक चालक द्वारा भोजन अच्छा न होने को लेकर टिप्पणी की गयी, जिससे मजदूरों से वाद विवाद होने लगा और मजदूरों द्वारा ट्रक चालक को मारा पीटा गया। इसके बाद इसी घटना / विवाद के रंजिश के कारण ट्रक चालक सभी मजदूरों को छोड़कर रघुवर सिंह से वार्ता कर कुछ दूर आगे जाकर ट्रक को रोक दिया गया । मजदूर भी नाराज होकर ट्रक व स्कार्पियों से जाने को मना कर दिये तथा पैदल ही घर जाने लगे । दो मजदूर पंचम व हृदयराम स्कार्पियों में बैठ गये। इनके द्वारा भी अपने अन्य साथियों को साथ चलने के लिए कहा गया परन्तु वह तैयार नही हुए । शेष मजदूर पैदल ही जाने लगे । ट्रक चालक द्वारा ढाबे पर हुई घटना के कारण जैसे ही मजदूर आगे गये पीछे से जाकर इन्हें साइड / ठोकर मारी गयी। सभी मजदूर मौके पर घायल हो गये । 



उक्त मामले में विवेचना से प्राप्त तथ्यों के आधार पर सम्बंधित गोदाम को सील किया गया है तथा सरकारी अनाज के अवैध व्यापार के सम्बंध में गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा दिये गये बयान के आधार पर जांच व कार्यवाही हेतु सात सितंबर को जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट प्रेषित की गयी है । साक्ष्य के आधार पर अभियोग को धारा 304/120 B IPC में तरमीम किया गया है। 


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