म. प्र. राज घराना केतली में @ चायवाला

तारकेश्वर टाईम्स (हि.दै.)
             ( प्रशान्त द्विवेदी )
भोपाल । मध्य प्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद सिंधिया सीधे अपने आवास पहुंच गए। सिंधिया के आवास पर पहले से मौजूद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे भाजपा में शामिल होने का प्रश्न पूछा तो सिंधिया ने हैप्पी होली बोलकर चले गए। बताया जा रहा है कि सिंधिया आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण नहीं करेंगे। वे कल शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं।



इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और बेंगलुरु में मौजूद 22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लाल जी टंडन से इस्तीफा देने वाले 22 में छह मंत्रियों को पद से हटाने की सिफारिश की है। देवास के हाटपिपलिया से विधायक मनोज चौधरी ने भी इस्तीफा दिया, इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या 22 हुई। इसमें मंत्री इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया,प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं।
 इन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा भेजा है। कमलनाथ से मिलकर कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत है और यह चलती रहेगी। कोई कह रहा है इस वजह से सरकार नहीं गिरेगी। हमारे पास पर्याप्त विधायक हैं। वहीं दिल्ली में अपने आवास से सिंधिया निकल गए हैं।वह जल्द भाजपा में शामिल होने का एलान कर सकते हैं।   



सपा विधायक राजेश शुक्ला और बसपा विधायक संजीव कुशवाहा भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के आवास पर पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान ने मुलाकात को लेकर कहा कि वे अभी होली के अवसर पर मिलने आए हैं। इसमें कोई राजनीति नहीं है । भोपाल में भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा, मैं बेंगलुरु से 19 विधायकों का इस्तीफा लेकर आया हूं, शाम तक यह संख्या 30 तक पहुंच सकती है, कई नेता भाजपा जॉइन करना चाहते हैं। इसके बाद भाजपा नेता ने कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे लेकर स्पीकर के आवास पर पहुंचे। भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह ने स्पीकर को कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे सौंपे। इस मौके पर स्पीकर ने कहा कि जो स्थापित नियम हैं मैं उसके अनुसार इस पर कार्रवाई करूंगा।



वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक बिसाहू लाल साहू भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।  साहू ने कहा, 'मैंने कांग्रेस के साथ - साथ राज्य विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मैं भाजपा में शामिल हो गया हूं। कमलनाथ सरकार के कामकाज से तंग आकर कांग्रेस के अधिकांश विधायक आने वाले दिनों में कांग्रेस से इस्तीफा दे देंगे । 
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। उस पत्र पर 9 मार्च की तारीख लिखी हुई है। इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिले। इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। वह यहां शाह से साथ ही पहुंचे थे ।



कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसे लेकर कहा' इससे हमारी पार्टी को नुकसान होगा। मुझे नहीं लगता कि मध्य प्रदेश में हमारी सरकार बच पाएगी। यही भाजपा की वर्तमान राजनीति है। वह विपक्षी सरकार को गिराने और अस्थिर करने में लगी रहती है।'
दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि कथित तौर पर जिस विमान से कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु पहुंचे उसकी व्यवस्था भाजपा ने की थी। यह मध्य प्रदेश के लोगों के जनादेश को उलटने की साजिश का हिस्सा है। कमलनाथ ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे डरकर भाजपा ऐसा कर रही है। उधर कांग्रेस नेता भोपाल में सीएम कमलनाथ के आवास पर बैठक कर रहे हैं। यहां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, बाला बच्चन, सज्जन सिंह वर्मा, सुरेंद्र सिंह बघेल समेत अन्य लोग मौजूद हैं। 
भाजपा सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह केंद्रीय मंत्री भी बन सकते हैं। वहीं भोपाल में भाजपा कार्यालय में बैठक जारी। यहां शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और विनय सहस्त्रबाहु सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित है। 



इससे पहले सिंधिया दिल्ली में अपने आवास से खुद गाड़ी लेकर निकले । मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश भी की, पर कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक कमलनाथ सरकार के रवैये से बेहद नाराज हैं। बता दें कि आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की 10 मार्च को 75वीं जयंती है ।
कमलनाथ सरकार को संकट में देख सोनिया गांधी ने आपात बैठक बुलाई है। दैनिक जागरण के सहयोगी अखबार नई दुनिया के अनुसार कांग्रेस सरकार को बड़ा इटका लग सकता है। जानकारी के अनुसार मालवा-निमाड़ के 5 विधायक सुबह गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचे हैं। सभी विधायक सिंधिया खेमे के हैं। एक निर्दलीय विधायक भी लापता बताया जा रहा है। ऐसे में 25 विधायकों के गायब होने की आशंका है।  
 खबर है कि सिंधिया समर्थक विधायक, जो बेंगलुरु में है , वो ई - मेल के जरिए अपना इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर वो भोपाल आकर इस्तीफा देंगे। 
आज सुबह भोपाल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमने पहले दिन कहा था कि हमें सरकार गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
 भाजपा नेता नरोत्तम मिश्र ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सभी का दिल से स्वागत है। हम जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी शामिल करते हैं, सिंधिया जी बहुत बड़े नेता हैं, उनका निश्चित रूप से स्वागत है। उन्होंने विधायकों के बेंगलुरु पहुंच जाने पर कहा कि दुश्मनों के खाकर दोस्तों के शहर में उनको किस-किस ने मारा कहानी फिर कभी ।
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सही कांग्रेसी है वह कांग्रेस में रहेगा। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी के कारण कमलनाथ सरकार संकट में आ गई है। सिंधिया को लेकर दिग्विजय ने कहा कि उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कहा जा रहा है कि वे स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। ऐसे में उनसे संपर्क नहीं हो सका ।  



बता दें कि सिंधिया के दम पर भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता पलटने की तैयारी में है। सिंधिया समर्थक 17 मंत्री-विधायकों का सोमवार को बेंगलुरु पहुंच जाना इसी ओर इशारा कर रहा है। प्रदेश के खुफिया सूत्रों ने भी एक-दो दिन में बड़े बदलाव की बात कही है। इस बीच करीब 20 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को देर रात इस्तीफे सौंप दिए।
उधर, भाजपा ने अपने विधायकों को भोपाल बुला लिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी देर रात दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की । सूत्रों के मुताबिक पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमलनाथ और सिंधिया दोनों से कहा था कि वे अपने विवाद सुलझा लें। उन्होंने सिंधिया को मनाने के लिए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को बातचीत करने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। पायलट ने सिंधिया से दो दौर की बात भी की थी , लेकिन सिंधिया अपनी उपेक्षा से इतने नाराज थे कि वह नहीं माने।
बताया जाता है कि कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिंधिया की शिकायत की थी। ऐसे में सिंधिया भी हाईकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए दो दिनों से सोनिया गांधी से मिलने का वक्त मांग रहे थे, पर उन्हें मुलाकात का मौका नहीं मिला। ऐसे में रविवार को ही सिंधिया को इस बात का आभास हो गया कि राज्यसभा का टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है। इसके बाद सिंधिया कैंप में खलबली मची और सारी रात चली सियासत के बाद अंतत: सिंधिया ने कांग्रेस से दूरी बनाने के लिए अपने समर्थकों को दिल्ली तलब कर लिया ।
सोमवार सुबह होते - होते सारे समर्थक दिल्ली में एकत्र हो गए और शाम को सभी ने चार्टर्ड फ्लाइट से बेंगलुरु के लिए उड़ान भर दी। बताया जाता है कि सिंधिया के गुस्से का उबाल एक दिन का घटनाक्रम नहीं है। इसे परवान चढ़ने में पूरे 20 दिन लगे है। तीन सप्ताह से वह संगठन को इस बारे में लगातार संकेत दे रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। आखिर उन्होंने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर दिया। देर रात शाह के निवास पर बैठक सोमवार देर रात अमित शाह के निवास पर भाजपा नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सिंधिया की भाजपा में संभावना और भूमिका पर विचार किया गया। सिंधिया मंगलवार को दिल्ली में ही अथवा भोपाल में शाम सात बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा सदस्य के साथ केंद्रीय मंत्री बनाने का भरोसा दिया है। हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पा रही है।
मप्र विस की कुल सीटें-230-दो सीटें रिक्त, प्रभावी संख्या 228-अभी बहुमत का आंकड़ा 115। सत्तापक्ष- कांग्रेस 114, निर्दलीय -  04,बसपा- 02, सपा-01 ( इन्हें मिलाकर कांग्रेस के पास फिलहाल 121 विधायक हैं। ) विपक्षी भाजपा 107-17 विधायकों के पाला बदलकर इस्तीफा देने पर कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी है ।
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