कोरोना अलर्ट : भ्रांतियों से दूर जागरूक होने की जरूरत : डा. रजा 

तारकेश्वर टाईम्स (हि.दै.)
 कोरोना वॉयरस को लेकर विशेषज्ञ दे रहे हैं सलाह : वॉयरस के फैलाव का कारण जानकर कर सकते हैं बचाव
बस्ती (उ.प्र.)। जिस तेजी के साथ कोरोना अपने पांव पसार रहा है, उसी गति से भय और भ्रांतियां भी सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहीं हैं। इसमें से कुछ सच हैं तो कुछ कोरी अफवाह, जो इस महामारी के बीच फैले हुए डर, अनिश्चितता और उहापोह की स्थिति को और बढ़ा रहे हैं।   


सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि ‘मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही कोराना का प्रकोप कम हो जाएगा।  ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव के  हवाले से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब रजा ने बताया कि तापमान बढ़ने का कोई असर कोरोना वॉयरस पर होता है अथवा नहीं इस बात का अभी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। कहते हैं कि कोरोना वॉयरस दुनिया भर में 168 देशों में फैल चुका है जिनमें ग्रीनलैंड जैसे ठंडे देश भी है तो दुबई जैसे गर्म शहर भी। मुंबई जैसे ह्यूमिड शहर भी हैं तो दिल्ली जैसे सूखे शहर भी हैं।
इसके अलावा वॉयरल मैसेज में यह भी दावा किया गया है कि गर्मी की मदद से कोरोना वायरस को खत्म  किया जा सकता है। इसी दावे में पीने और नहाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि यह सलाह यूनिसेफ ने दी है। यूनिसेफ के लिए काम कर रही  चार्लेट गोर्नज्कि ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिए अपने साक्षात्कार में इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि आइस्क्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अन्य ठंडी चीजों से दूर रहकर इस वायरस से बचा जा   सकता है, इस तरह का कोई मैसेज यूनिसेफ द्वारा नहीं जारी किया गया है, यह मैसेज पूरी तरह से झूठा है।
    कैसे फैलता है कोरोना ?
डा. आफताब रजा बताते हैं कि जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक तीन हजार से  अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आकर हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं नन्हें कणों के ज़रिए कोरोना  वायरस फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कभी-कभी ये कण कपड़ों, दरवाजों के हैंडल और आपके सामान पर गिरते हैं। उस जगह पर किसी का हाथ पड़े और फिर वो व्यक्ति उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह  छूता है तो उसे कोरोना वॉयरस संक्रमण हो सकता है। 
डा. रजा कहते हैं कि
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शरीर पर एल्कोहल अथवा क्लोरीन के स्प्रे से कोरोना वॉयरस मरता नहीं है। इसका प्रयोग बचाव के तौर पर किया जा सकता है। इसके अलावा हाथ को सूखाने वाली मशीन (हैंड ड्रायर) और हीटर के प्रयोग से कोरोना वायरस नहीं मरता है। लहसुन का सेवन सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है। सैलाइन से नाक साफ करने से जुकाम में जल्द आराम मिलता है,  लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है।
उनका कहना है कि पालतू जानवरों में कोरोना फैलने की अभी तक कोई घटना सामने नहीं आई है। लेकिन सावधानी के तौर पर आप पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह से जरूर धोएं। इन्हें अपने से अलग ही रखें। 
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