नागरिकता संशोधन बिल पास , पक्ष में 311 विपक्ष में 80 मत


तारकेश्वर टाईम्स  (हि0दै0)


नई दिल्ली  । नागरिकता संशोधन बिल लोक सभा में पास हो गया है । पक्ष में तीन सौ ग्यारह मत तथा विपक्ष में अस्सी मत पड़े । अमित शाह कांग्रेस पर हमलावर रहे । धार्मिक आधार पर देश का बंटवारा कांग्रेस ने किया । नेहरू - लियाकत समझौता एक काल्पनिक समझौता था , जो वास्तविकता में नहीं था , इसलिए फेल रहा । गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हम धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करते । असदुद्दीन ओवैसी के सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि एन आर सी जरूर लागू होगा और होकर रहेगा , ये घोषणा पत्र का हिस्सा है । (आमोद उपाध्याय )



              नागरिकता संशोधन बिल को गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षियों के विरोध के बावजूद लोकसभा में सोमवार की दोपहर को पेश कर दिया था । इससे पहले , भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अपने सासदों को व्हिप भी जारी किया था । नागरिक संशोधन बिल कानून बन जाता है , तो पड़ोसी देश पाकिस्तान , अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के चलते आए हिन्दू , सिख , ईसाई , पारसी , जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को सीएबी के तहत भारतीय नागरिकता मिल जाएगी ।



  लोकसभा में सोमवार रात नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हो गया। इससे पहले गृह मंत्री शाह ने विधेयक को सदन में सोमवार दोपहर पेश किया था । इस विधेयक के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है ।


कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में नागरिक संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह कुछ और नहीं बल्कि देश के अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए लाया गया विधेयक है । जबकि, अमित शाह ने कहा कि यह बिल .001 फीसदी भी देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है। जबकि, दूसरी तरफ नागरिक संशोधन बिल पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव ने कहा- हम नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ हैं और पार्टी हर कीमत पर इसका विरोध करेगी ।



                         दस अहम बातें : -


1 - नागरिक संशोधन बिल अगर कानून का रूप ले लेता जाता है तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू , ईसाई , सिख , पारसी , जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को CAB के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी । 2 - नागरिकता संशोधन बिल के चलते जो विरोध की आवाज उठ रही है उसकी वजह ये है कि इस बिल के प्रावधान के मुताबिक पाकिस्तान , अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुसलमानों को भारत की नागरिकता नहीं दी जाएगी। कांग्रेस सहित कई पार्टियां इसी आधार पर बिल का विरोध कर रही हैं । 3 - देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक का विरोध किया जा रहा है , और उनकी चिंता है कि पिछले कुछ दशकों में बांग्लादेश से बड़ी तादाद में आए हिन्दुओं को नागरिकता प्रदान की जा सकती है । 4 - भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद ( AGP ) ने वर्ष 2016 में लोकसभा में पारित किए जाते वक्त बिल का विरोध किया था , और सत्तासीन गठबंधन से अलग भी हो गई थी , लेकिन जब यह विधेयक निष्प्रभावी हो गया , असम गण परिषद गठबंधन में लौट आई थी । 5 - माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पेश किए जाने पर पार्टी इसमें दो संशोधन लाएगी क्योंकि वह विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध करती है । येचुरी ने कहा कि पार्टी दो संशोधन ला कर उन सभी शर्तों को हटाने की मांग करेगी , जो धर्म को नागरिकता प्रदान करने का आधार बनाते हैं । 6 - असम में नागरिकता संशोधन विधेयक ( सीएबी ) के खिलाफ विभिन्न प्रकार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिनमें नग्न होकर प्रदर्शन करना और तलवार लेकर प्रदर्शन करना भी शामिल है । 7- मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के चबुआ स्थित निवास और गुवाहाटी में वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा के घर के बाहर सीएबी विरोधी पोस्टर चिपकाए गए । 8 - एनडीए की सहयोगी रही शिवसेना जो अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार चला रही है , इस बिल का समर्थन करेगी । 9 - कांग्रेस-एनसीपी और कुछ विपक्षी पार्टियां इस बिल का विरोध करेंगे । विपक्षी पार्टियों का कहना है कि धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश है । 10 - शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है कि महाराष्ट्र में सरकार अपनी जगह और देश के प्रति कमिटमेंट एक जगह है । इसलिए हम लोग इस बिल का समर्थन करेंगे ।
            ➖   ➖   ➖   ➖   ➖
देश दुनिया की खबरों के लिए गूगल पर जाएँ
 लाॅग इन करें : - tarkeshwartimes.page 
सभी जिला व तहसील स्तर पर संवाददाता चाहिए 
मो0 न0 : - 9450557628


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रमंति इति राम: , राम जीवन का मंत्र

स्वतंत्रता आंदोलन में गिरफ्तार होने वाली राजस्थान की पहली महिला अंजना देवी चौधरी : आजादी का अमृत महोत्सव

निकाय चुनाव : बस्ती में नेहा वर्मा पत्नी अंकुर वर्मा ने दर्ज की रिकॉर्ड जीत, भाजपा दूसरे और निर्दल नेहा शुक्ला तीसरे स्थान पर