हरियाणा में BJP का 75 पार का नारा फेल : निर्दलियों का सहारा

हरियाणा चुनाव बीजेपी बनी सबसे बड़ी पार्टी : नहीं मिला बहुमत का आंकड़ा , निर्दलियों का सहारा


                     ( प्रशान्त द्विवेदी )
नई दिल्ली । हरियाणा विधानसभा चुनाव में BJP ने 'अबकी बार 75 पार' नारा दिया था, लेकिन पार्टी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही । 90 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है । बीजेपी को 40 सीटों पर जीत मिली है । बीजेपी को यहां 7 सीटों का नुकसान हुआ है । 2014 के विधानसभा चुनाव बीजेपी ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अपने दम पर सरकार का गठन किया था. दूसरी तरफ कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा हुआ है । कांग्रेस ने 31 सीटों पर जीत दर्ज की है. पिछले चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 15 सीटों पर सिमट गई थी । बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) सरकार बनाने का संकेत दे चुके हैं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांग लिया है । BJP को सरकार बनाने के लिए 6 और सीटों की जरूरत होगी ।
हरियाणा में BJP की 'सेलिब्रिटी पॉलिटिक्स' नहीं चली और बबीता फोगाट, योगेश्वर दत्त और टिक टॉक स्टार सोनाली चुनाव हार गये हैं । गोपाल कांडा (Gopal Kanda) और रणजीत सिंह (Ranjit Singh) बीजेपी को समर्थन देंगे ।



इन सबके बीच भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं और इसके लिए निर्दलीय विधायकों से संपर्क भी साधा जा रहा है । हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस के बाद दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) की पार्टी (JJP) सबसे बड़ी दल बनकर उभरी है । जेजेपी ने 10 सीटें जीती हैं. वहीं, 7 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली हैं । इसके अलावा इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) और हरियाणा लोकहित पार्टी को 1-1 सीटें मिली हैं


इस बीच 7 निर्दलियों में से दो विधायकों ( निर्दलीय विधायक ) गोपाल कांडा (Gopal Kanda) और रणजीत सिंह (Ranjit Singh) को सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल एक चार्टर्ड विमान से दिल्ली ले आईं । सूत्रों ने बताया कि सिरसा से हलोपा के विधायक गोपाल कांडा, और रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला ने भाजपा को समर्थन दे दिया है ।



 अमित शाह ने हरियाणा में सरकार बनाने के संकेत दे दिए हैं और खट्टर ने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है ।



कांडा और सिंह ने विमान में सवार होने से पहले मीडिया से कहा कि वह उस पार्टी का समर्थन करेंगे जो सिरसा के विकास के लिए काम करेगी । दुग्गल ने दो निर्दलियों को दिल्ली ले जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है ।



कांडा ने सिरसा से जीत हासिल की है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के भाई सिंह रानिया सीट से विजयी हुए हैं । सिंह को कांग्रेस ने टिकट देने से इनकार कर दिया था और उन्होंने निर्दलीय के तौर चुनाव लड़ा था ।
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