नेता जी विकास का ढोल पीटते शर्म नहीं आती, धत् तेरे की ! दुबौला से बस्ती जाते क्यों नहीं साहब

 


              ( विकास त्रिपाठी )


सावधान ! इस सड़क पर चलो तो फर्स्ट एड साथ होना चाहिए : युवाओं ने राहगीरों में बांटा मरहम पट्टी 🏥
दुबौला - बस्ती मार्ग जान हथेली पर रखकर करनी पड़ रही यात्रा 😫
तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे नौजवान

  दुबौला से बस्ती मण्डल मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क काफी दिनों से बुरी तरह खस्ताहाल है और जनता में आक्रोश व्याप्त है । आजिज आकर क्षेत्र के युवाओं ने शासन - प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया और श्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में लेकर शान्तिपूर्ण विरोध करते हुए राहगीरों में मरहम पट्टी और दवाएं वितरित किया ।  
युवाओं ने तख्तियों पर लिखा था -  हम भी हैं भारत और टूटी सड़कें जनता पर अत्याचार इस श्लोगन के माध्यम से लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को टूटी सड़क का जिम्मेदार माना। 


बता दें कि 15 - 17 किमी0 की यह सड़क लोकसभा क्षेत्र बस्ती और विधानसभा क्षेत्र कप्तानगंज और बस्ती सदर दोनों में पड़ता है । और सभी लोग सत्ताधारी भी हैं, फिर भी - - - - - - । इज्जत दी, सम्मान दिया आपको जिताने के लिए मर हम गये । पर ये क्या रास्ता भी चलना दूभर । ऐसी सामान्य जरूरतों पर तो मरहम लगा दीजिये जनाब , हम आपके एहसानमंद रहेंगे । ऐसा सोच रही है क्षेत्र की जनता ।
   दुबौला चौराहे से बस्ती मुख्यालय मार्ग पर इण्टर कॉलेज, केन्द्रीय विद्यालय, पेपर मिल सहित जिला अस्पताल,महिला अस्पताल और अयोध्या जनपद को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है , जो इस कदर टूट चुकी है कि इस पर यात्रा करने की मजबूरी सामने आने पर कलेजा कांप जाता है ।
 हाय रे हमारे नेता विकास - विकास - विकास का ढोल पीटते शर्म भी नहीं आती @ धत तेरे की


       @ तारकेश्वर टाईम्स की खबर 


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