कृषि कानून रद्द करने के पक्ष में नहीं हैं किसान संगठन


(संतोष दूबे) 


नई दिल्ली। भारत बंद से पहले हरियाणा के कुछ संगठनों ने सोमवार शाम केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इन किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का समर्थन किया। किसान संगठनों ने इस संबंध में कृषि मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें नए कानूनों को रद्द नहीं करने की मांग की गई है। 



हरियाणा के प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। प्रगतिशील किसान संगठन का कहना था कि किसानों के सुझावों को शामिल करते हुए नए कानून को कायम रखा जाए। पीएफओ और प्रगतिशील किसान संगठन ने कहा कि हम एमएसपी और मंडी व्यवस्था जारी रखने के पक्षधर हैं। 


इन किसान संगठनों ने कृषि मंत्री से कहा कि लेकिन हम आपसे मांग करते हैं कि किसानों के सुझावों को शामिल करते हुए इन कानूनों को जारी रखा जाए। सूत्रों के अनुसार प्रगतिशील किसान संगठन, सोनीपत के अध्यक्ष कंवल सिंह चौहान ने कहा कि विरोध कर रहे किसानों को गुमराह किया जा रहा है। पीएम ने भरोसा दिलाया है कि एमएसपी और मंडी सिस्टम बना रहेगा। 



हरियाणा के इन किसान संगठनों से मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि इस कानून के जरिये और अन्य योजनाओं के जरिये खेती के क्षेत्र में निजी निवेश पहुंचे। खेती में आमदनी बढ़नी जरूरी है। कृषि कानून किसानों के भले के लिए हैं। इन कानूनों और योजनाओं के माध्यम से निजी निवेश के रास्ते खुले हैं। इससे किसानों का विकास होगा और निजी निवेश से रोजगार बढ़ेंगे।


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