राजनीति चिराग पासवान के लिए कम्फर्ट जोन, हैं छ: कम्पनियों के मालिक


(संतोष दूबे) 


2019 के चुनाव के वक्त चिराग पासवान ने जो शपथ पत्र सौंपा था, उसके मुताबिक वे छह कंपनियों के मालिक हैं। उनके पास 1.84 करोड रुपए की प्रॉपर्टी (Chirag Paswan Net Worth) है


नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके बेटे चिराग पासवान के कंधों पर परिवार के साथ-साथ पार्टी की भी पूरी जिम्मेदारी आ गई है। चिराग को यह जिम्मेदारी ऐसे वक्त मिली है, जब बिहार में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में उनकी चुनौती दोगुनी बढ़ गई है। आपको बता दें कि कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने वाले चिराग की पहली पसंद पॉलिटिक्स नहीं बल्कि बॉलीवुड था और उन्होंने इंडस्ट्री में हाथ भी आजमाया, लेकिन सफल नहीं हो सके। चिराग (Chirag Paswan) का मन बचपन से ही एक्टिंग में लगता था और वह अपने स्कूल में तमाम नाटकों में हिस्सा लिया करते थे। फिर इस शौक को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाई।    



 साल 2011 में आई फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई। इसी बीच चिराग के पिता राम विलास पासवान की तबीयत खराब रहने लगी। इसके बाद चिराग (Chirag Paswan) ने सियासत में कदम रखने का निर्णय लिया और साल 2012 में राजनीति में एंट्री ली। एक इंटरव्यू में जब चिराग से सियासत में आने के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने जवाब दिया था कि ‘पिता की बीमारी के चलते वे राजनीति में आने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड के मुकाबले पॉलिटिक्स उनके लिए कंफर्ट जोन है। ’साल 2014 के लोकसभा चुनाव में चिराग ने पहली बार बिहार की जमुई सीट से चुनावी अखाड़े में उतरे और जीत हासिल करने में कामयाब रहे। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की। आपको बता दें कि चिराग, राम विलास पासवान की दूसरी पत्नी रीना के बेटे हैं। उनकी सगी बहन का नाम निशा पासवान है। जबकि दो सौतेली बहनें भी हैं, जिनका नाम आशा और उषा पासवान है। ये राम विलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी की बेटियां हैं।  



 साल 2019 के चुनाव के वक्त चिराग ने जो शपथ पत्र सौंपा था, उसके मुताबिक वे छह कंपनियों के मालिक हैं। उनके पास 1.84 करोड रुपए की प्रॉपर्टी (Chirag Paswan Net Worth) है। पटना में करीब 90 लाख रुपए कीमत का एक बंगला भी उनके पास है। चिराग ने चुनाव आयोग को यह भी बताया था कि उनके पास 2 गाड़ियां हैं, एक जिप्सी और एक फॉर्च्यूनर। 


 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चिराग पासवान एक एनजीओ भी चलाते हैं। इस एनजीओ का नाम ‘चिराग पासवान फाउंडेशन’ है, जो गरीब और असहाय बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए काम करता है। चिराग का यह एनजीओ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद युवाओं को नौकरी प्रदान करने की दिशा में भी उनकी मदद करता है।


         ➖    ➖    ➖    ➖    ➖


देश दुनिया की खबरों के लिए गूगल पर जाएं


लॉग इन करें : - tarkeshwartimes.page


सभी जिला व तहसील स्तर पर संवाददाता चाहिए


मो. न. : - 9450557628


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लखनऊ में सैकड़ों अरब के कैलिफोर्नियम सहित 8 गिरफ्तार, 3 बस्ती के

समायोजन न हुआ तो विधानसभा पर सामूहिक आत्महत्या करेंगे कोरोना योद्धा

बस्ती पंचायत चुनाव मतगणना : अबतक घोषित परिणाम